Фархундаи боди мақдами шоҳи ҷҳонпноаҳ

فرخنده باد مقدم شاه جهانپناه

Хуршеди малики шайхи алии сояи илоҳ

خورشید ملک شیخ علی سایه اله

Шоҳӣ ки бошад аз зибри тахти хусравӣ

شاهی که باشد از زبر تخت خسروی

Тобони Рахши чунонкии зи гардуни ду ҳафтаи моҳ

تابان رخش چنانکه ز گردون دو هفته ماه

Аз фари фарқ ӯ ки дар офоқ сарвараст

از فر فرق او که در آفاق سرورست

Бар офтоб соя кунад гӯшаи кулоҳ

بر آفتاب سایه کند گوشه کلاه

Аихсрўӣ ки савмиъаи дорони қудс ро

ایخسروی که صومعه داران قدس را

Инаст вирду баси зи паии шому субҳгоҳ

اینست ورد و بس ز پی شام و صبحگاه

Аз лутфи ҳақи шинос ки бар рағми душманон

از لطف حق شناس که بر رغم دشمنان

Бо дӯстони бмҷлс ъушрат нишаст шоҳ

با دوستان بمجلس عشرت نشست شاه

Яъне ки моҳи бурҷи саодати бкоми дил

یعنی که ماه برج سعادت بکام دل

Бо офтоб гашта муқорин ба тахтгоҳ

با آفتاب گشته مقارن به تختگاه

Ин офтоб то бобад бе заволи бод

این آفتاب تا بابد بی زوال باد

Дороади ҳақи з костан он моҳро нигоҳ

داراد حق ز کاستن آن ماه را نگاه

Давр аз ҷаноби ҷоҳи ту эҳдоси рӯзгор

دور از جناب جاه تو احداث روزگار

Кард эътидоли табъи марои мунҳарифи зи роҳ

کرد اعتدال طبع مرا منحرف ز راه

Нӯши шробхонаҳи лутфи ту чун расед

نوش شرابخانه لطف تو چون رسید

Дар коми ҷони ман зи кафи бахти никхўоаҳ

در کام جان من ز کف بخت نیکخواه

Аз фари шоҳу фаррухии нӯши анҷуман

از فر شاه و فرخی نوش انجمن

Ёбам шифо ҳар оинаи зини ранҷи умри коҳ

یابم شفا هر آینه زین رنج عمر کاه

Шоҳои каминаи чокарати ибни ямини манам

شاها کمینه چاکرت ابن یمین منم

Онам ки карда ӣии бъноити бмни нигоҳ

آنم که کرده ئی بعنایت بمن نگاه

Ва онгоҳи мадҳ шоҳ кунам дар ҷаҳони равон

و آنگاه مدح شاه کنم در جهان روان

Шеърии рабӯдаи гӯии зи шеърӣ бақадру ҷоҳ

شعری ربوده گوی ز شعری بقدر و جاه