Чун фалак аз офтоби машъала ӣӣ даргирифт

چون فلک از آفتاب مشعله ئی درگرفت

Арсаи офоқро ҷумла дар озар гирифт

عرصه آفاق را جمله در آذر گرفت

Хусрави сайёра чун теғ зё баркашид

خسرو سیاره چون تیغ ضیا برکشید

Лашкари зулмати шикасти кишвар ахтар гирифт

لشکر ظلمت شکست کشور اختر گرفت

Заргар фитрати блтФи сунъи худ изҳор кард

زر گر فطرت بلطف صنع خود اظهار کرد

Қасри зумурради асос дар варақ зар гирифт

قصر زمرد اساس در ورق زر گرفت

Бози сифеди фалак аз уфуқ андар парид

باز سفید فلک از افق اندر پرید

Байзаи зоғи сиёҳ дар кнФ пар гирифт

بیضه زاغ سیاه در کنف پر گرفت

Тоҷўри нимрўз бо илми зарнигор

تاجور نیمروز با علم زرنگار

Аз тараф бохтар омад ва ховар гирифт

از طرف باختر آمد و خاور گرفت

Субҳи музайяни сифат аз рухи рӯмии рӯз

صبح مزین صفت از رخ رومی روز

Турраи зангии шаби баҳри сафо бар гирифт

طره زنگی شب بهر صفا بر گرفت

Хандаи з хосиятаст субҳи дувумро азонк

خنده ز خاصیت است صبح دوم را ازانک

Дар даҳан аз офтоби қурс мзъФр гирифт

در دهن از آفتاب قرص مزعفر گرفت

Рӯз чу бар зад сар аз ҷайби шаби лоҷувард

روز چو بر زد سر از جیب شب لاجورد

Манзари фирӯзаро дар зар ва зевар гирифт

منظر فیروزه را در زر و زیور گرفت

Дилбари ман аз дар ҳуҷра дар омад биноз

دلبر من از در حجره در آمد بناز

Маҷлиси ман сад сафо аз рух чун хур гирифт

مجلس من صد صفا از رخ چون خور گرفت

Ибни яминро назар бар рух ӯ чун фитод

ابن یمین را نظر بر رخ او چون فتاد

Зуди раҳи гуфтани ин ғазал тар гирифт

زود ره گفتن این غزل تر گرفت

Моҳи рхои меҳри ту бози дил аз сар гирифт

ماه رخا مهر تو باز دل از سر گرفت

Хурраму шодони дилии кӯ чу ту дилбар гирифт

خرم و شادان دلی کو چو تو دلبر گرفت

Аз дилу дайни огаҳӣ кӣ буд онро ки ӯ

از دل و دین آگهی کی بود آنرا که او

Ҷузи хами абрӯӣ ӯ қибла дигар гирифт

جز خم ابروی او قبله دیگر گرفت

Гар ма анвар занад лофи сафо бо рахт

گر مه انور زند لاف صفا با رخت

Аҳли хирадро расад бар маи анўргрФт

اهل خرد را رسد بر مه انورگرفت

Озри бутгари бутӣ чун тунаёраст сохт

آزر بتگر بتی چون تو نیارست ساخت

Бишк аз ӣнсӯи халили хурда бар озр гирифт

بیشک از اینسو خلیل خرده بر آزر گرفت

Гар чаҳ ҷафо аз тавъам талх наёяд аз анк

گر چه جفا از توأم تلخ نیاید از انک

Бар лаби ту чун гузашти лиззат шукр гирифт

بر لب تو چون گذشت لذت شکر گرفت

Лек макун беш ҷавр бар дили онкўи бҷон

لیک مکن بیش جور بر دل آنکو بجان

Роҳи убудийяти шоҳ Музаффар гирифт

راه عبودیت شاه مظفر گرفت

Шоҳи Сикандари сарири тоҷи мулӯки ҷаҳон

شاه سکندر سریر تاج ملوک جهان

Онкии ҷаҳони србсри ҳамчу Сикандар гирифт

آنکه جهان سربسر همچو سکندر گرفت

Онкии бурузи вғои куштани аъдоаш ро

آنکه بروز وغا کشتن اعداش را

Дар каф ӯ барги неи неруӣ ханҷар гирифт

در کف او برگ نی نیروی خنجر گرفت

Панҷаи адлаши чунон дасти ситам тоб дод

پنجه عدلش چنان دست ستم تاب داد

Каз асари он гавазни ҷой ғазанфар гирифт

کز اثر آن گوزن جای غضنفر گرفت

Шоҳи фалаки рағбати бандагии ҳазратат

شاه فلک رغبت بندگی حضرتت

Аз паии касби шараф дар дил ва дар сар гирифт

از پی کسب شرف در دل و در سر گرفت

Бар дар маймун ӯ ҳамчу дигар бандагон

بر در میمون او همچو دگر بندگان

Хост ки бандади камари роҳи ду пайкар гирифт

خواست که بندد کمر راه دو پیکر گرفت

Комрўои хсрўо аз ҳасади раъии ту

کامروا خسروا از حسد رأی تو

Муҳраи меҳри ситами гӯна асФр гирифт

مهره مهر ستم گونه اصفر گرفت

Ҳзми ту гоҳи диранги азми ту гоҳи шитоб

حزم تو گاه درنگ عزم تو گاه شتاب

Хиҷлат кҳсор дод суръат сарсар гирифт

خجلت کهسار داد سرعت صرصر گرفت

Калак туро мерасад даъвии мӯъҷиз аз анк

کلک ترا میرسد دعوی معجز از انک

Зу шабаҳ бе баҳои қимат гавҳар гирифт

زو شبه بی بها قیمت گوهر گرفت

Мисли ту дар ҳеҷ даври тоҷўрӣ кас надид

مثل تو در هیچ دور تاجوری کس ندید

То шаҳи сайёраи ин тахт мудаввар гирифт

تا شه سیاره این تخت مدور گرفت

То бтў шуд дили қавӣ ҳар ки азин пештар

تا بتو شد دل قوی هر که ازین پیشتر

Пайрави бӯи ҷаҳл буд роҳ паямбар гирифт

پیرو بو جهل بود راه پیمبر گرفت

Бандаи бФрмон ту гуфт мдиҳӣ чунонк

بنده بفرمان تو گفت مدیحی چنانک

Муншии гардун аз он фоида бимр гирифт

منشی گردون از آن فایده بیمر گرفت

Боди қабули ту бар шеър чу обами вазид

باد قبول تو بر شعر چو آبم وزید

Бар сифати сяти ту арса кишвар гирифт

بر صفت صیت تو عرصه کشور گرفت

Гарчи латифи ҷаҳони шамси замину замон

گرچه لطیف جهان شمس زمین و زمان

Зулфи арӯси саноати пеши з чокар гирифт

زلف عروس ثنات پیش ز چاکر گرفت

Лек ту донеи накӯи ҳоли сухан худ бигӯ

لیک تو دانی نکو حال سخن خود بگو

То ки радиф сухан кард ва накӯтар гирифт

تا که ردیف سخن کرد و نکوتر گرفت

Тавба кунам аз сухан гар кунад андари ҷаҳон

توبه کنم از سخن گر کند اندر جهان

Бар сухани ман баҳақи ҳеҷ суханвар гирифт

بر سخن من بحق هیچ سخنور گرفت

То буд андари ҷаҳони фош ки хайбари алӣ

تا بود اندر جهان فاش که خیبر علی

Бимдди холиду ёрӣ қанбар гирифт

بیمدد خالد و یاری قنبر گرفت

Боди бадунёу дайни ёвари ту рӯҳи онк

باد بدنیا و دین یاور تو روح آنک

Кӯи сар антар бурид қалъа хайбар гирифт

کو سر عنتر برید قلعه خیبر گرفت