Соқии биё ки мавсими нӯшидани млст

ساقی بیا که موسم نوشیدن ملست

Ҳам роғи пари зи лола ва ҳам боғ пар гуласт

هم راغ پر ز لاله و هم باغ پر گلست

Манишин бахонаи хез ки саҳрои бхрмӣ

منشین بخانه خیز که صحرا بخرمی

Ҳар ҷо ки мерӯй ҳамаи ҷои тбзлст

هر جا که میروی همه جای تبذلست

Бигушоӣ ҳалқи булбула то қлқлӣ кунад

بگشای حلق بلبله تا قلقلی کند

Кандар чамани зи булбул сармаст ғулғуласт

کاندر چمن ز بلبل سرمست غلغلست

Бе медамӣ мабош ки ҳангоми навбаҳор

بی می دمی مباش که هنگام نوبهار

Шоҳид гуласту мутриб хўшгўӣ булбуласт

شاهد گلست و مطرب خوشگوی بلبلست

Булбул навой парда ушшоқ мезанад

بلبل نوای پرده عشاق میزند

Сарв аз самоъи дилкаш ӯ байн ки моиласт

سرو از سماع دلکش او بین که مایلست

Гармаст гашти наргиси махмур аз оби абр

گرمست گشت نرگس مخمور از آب ابر

Нашигифт аз анки абр чу бо гӯнаи млст

نشگفت از انک ابر چو با گونه ملست

ё раби зи хулди мидмди ин боди хуши нафас

یا رب ز خلد میدمد این باد خوش نفس

Чун хоки роҳ ӯ ҳамаи машку қрнФлст

چون خاک راه او همه مشک و قرنفلست

Мутриб бисоз пардаи ушшоқ ва ин ғазал

مطرب بساز پرده عشاق و این غزل

Бсрои хоссаи ҳамдамати имрӯзи слслст

بسرای خاصه همدمت امروز صلصلست

Ҷонои рухи ту қиблаи хубон кобул аст

جانا رخ تو قبله خوبان کابل است

Зулфи ту ънбрист ки лолоаш сунбуласт

زلف تو عنبریست که لالاش سنبلست

Дигари бсрмаҳи наргиси мастат сияҳ макун

دیگر بسرمه نرگس مستت سیه مکن

Кони чашми оҳӯонаи сияҳ бе ткҳлст

کان چشم آهوانه سیه بی تکحلست

Гар хати мшкбори ту исбот давр кард

گر خط مشکبار تو اثبات دور کرد

Зулфи ту низ мусбати давр ва тасалсуласт

زلف تو نیز مثبت دور و تسلسلست

Дидам миёни зулмати шаби нури рӯз ро

دیدم میان ظلمت شب نور روز را

Кардам басии таъаммул ва ҷой таъаммуласт

کردم بسی تأمل و جای تأملست

Гуфтам магар ки ҳола машкаст гирди моҳ

گفتم مگر که هاله مشکست گرد ماه

ё бар ҷабини Зуҳраи фурӯғ ту кокуласт

یا بر جبین زهره فروغ تو کاکلست

Дар ҳайратами зи ҳиндӯии зулфат ки дар сараш

در حیرتم ز هندوی زلفت که در سرش

Дар аҳди адли соҳиб аъзам татовуласт

در عهد عدل صاحب اعظم تطاولست

Волои ълоءи давлату миллат ки офтоб

والا علاء دولت و ملت که آفتاب

Чун зарра аз наҳифи вай андар тахалхуласт

چون ذره از نهیب وی اندر تخلخلست

Дастури дайни паноҳи Муҳамад ки рӯзи разм

دستور دین پناه محمد که روز رزم

Гўӣӣ магар алӣаст ки бар пушти длдлст

گوئی مگر علیست که بر پشت دلدلست

Аз бонги длдлши бФлк бар ҳзоҳзст

از بانگ دلدلش بفلک بر هزاهزست

Вази сами абри шаш базмин дар тазалзуласт

وز سم ابر شش بزمین در تزلزلست

Аисоҳбӣ ки моҳи наву атласи ҳарир

ایصاحبی که ماه نو و اطلس حریر

Аз баҳри бори гири ту ҳам наъл ва ҳам ҷлст

از بهر بار گیر تو هم نعل و هم جلست

Ваии сарварӣ ки мсръи ҳукми ту бод ро

وی سروری که مسرع حکم تو باد را

Гуяд бтънаҳ кин чаҳ дирангу ткослст

گوید بطعنه کاین چه درنگ و تکاسلست

Муншии чарх бо ҳамаи дониши зи табъи ту

منشی چرخ با همه دانش ز طبع تو

Доим дар астФодти шеъру трслст

دایم در استفادت شعر و ترسلست

Гар пой бар сари ҳама сайёрагон наҳй

گر پای بر سر همه سیارگان نهی

Грхўоҳди арнӣ бо ту тариқ таҳаммуласт

گرخواهد ارنی با تو طریق تحملست

Дар манзилӣ ки соиси адлат нузул кард

در منزلی که سایس عدلت نزول کرد

Бо дил бигуфт фитна ки вақти трҳлст

با دل بگفت فتنه که وقت ترحلست

Натавон ҷаҳони ҷоҳ ту оварад дар хаёл

نتوان جهان جاه تو آورد در خیال

Зеро ки онҷҳон на маҷол тахайюласт

زیرا که آنجهان نه مجال تخیلست

Дар базли сад хазонаи турои як баҳонаи бас

در بذل صد خزانه ترا یک بهانه بس

Дар афви як гуноҳи туро сад таъаллуласт

در عفو یک گناه ترا صد تعللست

Аз Ямани мадҳати ибн ямин дорад он ясор

از یمن مدحت ابن یمین دارد آن یسار

Каши солу маи зи гавҳар мавзун таҷаммуласт

کش سال و مه ز گوهر موزون تجملست

То дар баҳору даии шимур аз тундии сабо

تا در بهار و دی شمر از تندی صبا

Икрўз дар слослу якбор дар ғуласт

یکروز در سلاسل و یکبار در غلست

Бодо чу оби хасми ту нолон ва ҳаст аз онк

بادا چو آب خصم تو نالان و هست از آنک

Дар пои ҳодисоти лагади кӯб чун пуласт

در پای حادثات لگد کوب چون پلست