Ёрб ин накҳати анбари з куҷо ме ояд

یارب این نکهت عنبر ز کجا می‌آید

Гар на аз саҳни чамани бод сабо ме ояд

گر نه از صحن چمن باد صبا می‌آید

Муътадили гашти ҳавои вази асараши олами пер

معتدل گشت هوا وز اثرش عالم پیر

Хуштару тозатар аз аҳд сбиٰ ме ояд

خوش‌تر و تازه‌تر از عهد صبیٰ می‌آید

Гул ба сад ғанҷи рух аз ғунчаи бурун май орад

گل به صد غَنج رخ از غنچه برون می‌آرد

Вази тараби булбули хўшгў ба наво ме ояд

وز طرب بلبل خوشگو به نوا می‌آید

Бар дарахтони чамани бас ки дар ифшоанд саҳоб

بر درختان چمن بس که در افشاند سحاب

Шохро байн ки чаҳ бо барг ва наво ме ояд

شاخ را بین که چه با برگ و نوا می‌آید

Лолаи сурхии зи туфи оташ хур ме гирад

لاله سرخی ز تف آتش خور می‌گیرد

Хокро оби рух аз лутф ҳаво ме ояд

خاک را آب رخ از لطف هوا می‌آید

Чун насим саман ояд гуҳи шабгири зи боғ

چون نسیم سمن آید گه شبگیر ز باغ

Мурғи ҷонро ба смнзор ҳаво ме ояд

مرغ جان را به سمنزار هوا می‌آید

Дасти фарроши сбомснди фирӯзаи ниҳод

دست فراش صبامسند فیروزه‌نهاد

зи онки султони гул аз парда саро ме ояд

ز آنک سلطان گل از پرده‌سرا می‌آید

Ғунча бисёр зари сови зи дил берун кард

غنچه بسیار زر ساو ز دل بیرون کرد

Ба ҳар мурғӣ ки бар ӯ мадҳ саро ме ояд

به هر مرغی که بر او مدح‌سرا می‌آید

Наргис бебасар аз ҷо ба Асо май хезад

نرگس بی‌بصر از جا به عصا می‌خیزد

Вази сар ар ҳамчуи шаҳони тоҷ намо ме ояд

وز سر ار همچو شهان تاج‌نما می‌آید

Абр бар Тифли чамани дояи сифат шер фишонд

ابر بر طفل چمن دایه‌صفت شیر فشاند

Лоҷарами байн ки дар ӯ нашав ва намо ме ояд

لاجرم بین که در او نشو و نما می‌آید

Аз сари сарви сеӣ нофаи биФтоди магар

از سر سرو سهی نافه بیفتاد مگر

Каз чамани бози дами машк хто ме ояд

کز چمن باز دم مشک ختا می‌آید

Зиндагӣ бе майу маъшӯқ дар айёми баҳор

زندگی بی‌مِی و معشوق در ایام بهار

Гар савобаст марои айн хато ме ояд

گر صوابست مرا عین خطا می‌آید

Соқио дар қадаҳи афкан май гулранг казу

ساقیا در قدح افکن می گلرنگ کزو

Сӯрати раъии шаҳ комрўо ме ояд

صورت رأی شه کامروا می‌آید

Соҳиби аъзами одил ки зоби карамаш

صاحب اعظم عادل که زآب کرمش

Дар рухи мкрмти вуҷӯд раво ме ояд

در رخ مکرمت وجود روا می‌آید

Сарвари шарқи ълоءи дувалу дайн ки ҷаҳон

سرور شرق علاء دول و دین که جهان

Пеши ҷӯаду карамаши хок баҳо ме ояд

پیش جود و کرمش خاک بها می‌آید

Ва онки рухсораи малик аз хат ӯ чун рухи ёр

و آنک رخساره ملک از خط او چون رخ یار

Аз хати сабз ба сад ҳасан ва баҳо ме ояд

از خط سبز به صد حسن و بها می‌آید

Ақлро панҷаи роду қалам дар бориш

عقل را پنجه راد و قلم در بارش

Рост ҳамчун яди Байзо ва Асо ме ояд

راست همچون ید بیضا و عصا می‌آید

зи онки одами бузмони ҷуст бар ӯ тақдимӣ

ز آنک آدم بزمان جست بر او تقدیمی

Лоҷарам дар ҳақаши оёт ъсӣ ме ояд

لاجرم در حقش آیات عصی می‌آید

Соҳбои теғи ту то қоидаи адли ниҳод

صاحبا تیغ تو تا قاعده عدل نهاد

Ғарм дар бешаи зиғм ба чаро ме ояд

غرم در بیشه ضِیغَم به چرا می‌آید

Ончии гӯйӣ на бар он манъ буд ғайри туро

آنچه گویی نه بر آن منع بود غیر ترا

Ва ончисозӣ на бар он чун ва чаро ме ояд

و آنچه سازی نه بر آن چون و چرا می‌آید

То ба зери қадами ҳиммати он чархи баланд

تا به زیر قدم همت آن چرخ بلند

Пасту сари кӯфта чун хок фано ме ояд

پست و سر کوفته چون خاک فنا می‌آید

намеравад оби рухи хасми ту бар хоки зи рашк

می‌رود آب رخ خصم تو بر خاک ز رشک

Шамъи ҷонаш ба раҳи бод сабо ме ояд

شمع جانش به ره باد صبا می‌آید

Гарчи бар сафҳаи дунёи зи ситам гирд нишаст

گرچه بر صفحه دنیا ز ستم گرد نشست

Адли дайнпарварат аз баҳр ҷило ме ояд

عدل دین‌پرورت از بهر جلا می‌آید

Мсръи ҳукми ту чун сар ба сар офоқ гирифт

مسرع حکم تو چون سر به سر آفاق گرفت

Зини ҷаҳони хасми турои роҳ ҷило ме ояд

زین جهان خصم ترا راه جلا می‌آید

Чун эй карамати соя бар офоқ фиканд

چون همای کرمت سایه بر آفاق فکند

Боз бо Кебеки хиромон ба сафо ме ояд

باز با کبک خرامان به صفا می‌آید

Хоки даргоҳи ту дар дидаи арбоби ҳунар

خاک درگاه تو در دیده ارباب هنر

Беҳтар аз Марвау хуштар з сафо ме ояд

بهتر از مَروه و خوش‌تر ز صفا می‌آید

Абр бо ин ҳамаи бахшиш ки кунад фасли баҳор

ابر با این همه بخشش که کند فصل بهار

Бо вуҷӯди тўош аз ҷӯад ҳаё ме ояд

با وجود تواَش از جود حیا می‌آید

То ба ҳаддии зи ту баробари ҳаё ғолиб шуд

تا به حدی ز تو برابر حیا غالب شد

Каз мсомш чу арақи об ҳаё ме ояд

کز مسامش چو عرق آب حیا می‌آید

Ҳарчӣ хуршед ба сад қарн наад дар дили кон

هرچه خورشید به صد قرن نهد در دل کان

Бо кафи роди ту як рӯза фидо ме ояд

با کف راد تو یک‌روزه فدا می‌آید

Ҳар ниҳолӣ ки нишонди амли ибни ямин

هر نهالی که نشاند امل ابن یمین

Ба рӯй аз абри нисори ту Нидо ме ояд

به روی از ابر نثار تو ندا می‌آید

Бар дуо хатм кунам мадҳати ҷоҳи ту аз он

بر دعا ختم کنم مدحت جاه تو از آن

Ки дуоӣ чу туе суннат мо ме ояд

که دعای چو تویی سنت ما می‌آید

Бод аз иқболи ту ободи ҳама рӯй замин

باد از اقبال تو آباد همه روی زمین

То ҳаво дар васати оташ ва мо ме ояд

تا هوا در وسط آتش و ما می‌آید