Хуррами он кӯй ки манзилгаҳ ёраст онҷо
خرم آن کوی که منزلگه یارست آنجا
Рӯзи пирӯзи ксирост ки бораст онҷо
روز پیروز کسیراست که بارست آنجا
Оризаши лолаи серобу қадаши сарв сеӣ аст
عارضش لاله سیراب و قدش سرو سهی است
Бар сари сарви сеӣ лола бабораст онҷо
بر سر سرو سهی لاله ببارست آنجا
Ҳар хам аз чини сари зулфи гиреҳ бар гиреҳаш
هر خم از چین سر زلف گره بر گرهش
Ки зиҳам боз кунӣ машки тторсти онҷо
که زهم باز کنی مشک تتارست آنجا
Ганҷи ҳасани рух ҷонон натавон дод зи даст
گنج حسن رخ جانان نتوان داد ز دست
Гар чаҳ аз ғолияи сад ҳалқа мораст онҷо
گر چه از غالیه صد حلقه مارست آنجا
Ҳбзои манзили ҷонон ки дар айёми хазон
حبذا منزل جانان که در ایام خزان
Аз фурӯғи гул хандонаш баҳораст онҷо
از فروغ گل خندانش بهارست آنجا
Аз хаёли рухи дилбари хабараши пурсидам
از خیال رخ دلبر خبرش پرسیدم
Гуфт хуш бош ки ӯ ошиқ зораст онҷо
گفت خوش باش که او عاشق زارست آنجا
Гар чаҳ дар баҳри ғам ӯ бкнор афтодем
گر چه در بحر غم او بکنار افتادیم
Лек шодем ки умед канораст онҷо
لیک شادیم که امید کنارست آنجا
Ҳар куҷои пой наад ҳаст сари ибни ямин
هر کجا پای نهد هست سر ابن یمین
Ва зи ду чашми гуҳар афшонаш нисораст онҷо
و ز دو چشم گهر افشانش نثارست آنجا