Толеъи саъди дилам зон рух гулгун гирад

طالع سعد دلم زان رخ گلگون گیرد

Хуррами ондл ки чунин толеъ маймун гирад

خرم آندل که چنین طالع میمون گیرد

Ошиқ аз даври фалаки коми дил онгаҳ ёбад

عاشق از دور فلک کام دل آنگه یابد

Ки бдндон лаб мегаван ту дар хӯн гирад

که بدندان لب میگون تو در خون گیرد

Бе гули оризат аз хӯни ҷигар ҳар саҳарӣ

بی گل عارضت از خون جگر هر سحری

Шабаҳ ояд рухи ман ранги тбр хӯн гирад

شبه آید رخ من رنگ طبر خون گیرد

эй басои фитна ки он ғамза фаттонат кунад

ای بسا فتنه که آن غمزه فتانت کند

Ва онгаҳе бар ман ошуфта мафтӯн гирад

و آنگهی بر من آشفته مفتون گیرد

Биҷузи он рустаи дандону рухи хуб ки дид

بجز آن رسته دندان و رخ خوب که دید

Ақди парвин ки ватан дар ма гардун гирад

عقد پروین که وطن در مه گردون گیرد

Зулфи мишкӣни ту Лайлӣаст казу маҷнӯнам

زلف مشکین تو لیلی است کزو مجنونم

эй хуши онрўз ки дасти ман маҷнӯн гирад

ای خوش آنروز که دست من مجنون گیرد

Гуфтам аидл кам он зулфи сияҳи кораши гир

گفتم ایدل کم آن زلف سیه کارش گیر

Кон на Марӣаст ки дар ваии дам афсун гирад

کان نه ماریست که در وی دم افسون گیرد

Дил маро гуфт чу зулфаши магар ошуфта шудӣ

دل مرا گفت چو زلفش مگر آشفته شدی

Оқили охир кам он ҳабли матин чун гирад

عاقل آخر کم آن حبل متین چون گیرد

Сухани ибни ямин гӯш кун аиъшўаҳи фуруш

سخن ابن یمین گوش کن ایعشوه فروش

То ҳамаи гӯши ту дар гавҳар мавзун гирад

تا همه گوش تو در گوهر موزون گیرد