Наргиси масти ту ин фитна ки бунёди ниҳод

نرگس مست تو این فتنه که بنیاد نهاد

Дилу дайнро ҳама бар оташ ва бар боди ниҳод

دل و دین را همه بر آتش و بر باد نهاد

Ҳбзои боди баҳорӣ ки з рӯйу мӯят

حبذا باد بهاری که ز روی و مویت

Бар гули тоза ватар турраи шамшоди ниҳод

بر گل تازه و تر طره شمشاد نهاد

Бандаи қад ту шуд сарви сеӣ аз дили пок

بنده قد تو شد سرو سهی از دل پاک

Гар чаҳ зи оғози ҷаҳони номи худ озоди ниҳод

گر چه ز آغاز جهان نام خود آزاد نهاد

Ошиқам кардӣ ва гуфтӣ ки накардам ҳайҳот

عاشقم کردی و گفتی که نکردم هیهات

Шӯри ширин ки чунин дар дили Фарҳоди ниҳод

شور شیرین که چنین در دل فرهاد نهاد

Ман бахуди сӯхта ӯ нашудам сӯхти маро

من بخود سوخته او نشدم سوخت مرا

Онкӣ дар синаи симини дили фӯлоди ниҳод

آنکه در سینه سیمین دل فولاد نهاد

Хӯрдани хӯни ҷигари сӯхтагони фарзи шинохт

خوردن خون جگر سوختگان فرض شناخت

Онкии чашми сияҳаши суннати бедоди ниҳод

آنکه چشم سیهش سنت بیداد نهاد

Гуфт ҳаст ибни ямин дар талабам бе ғами ишқ

گفت هست ابن یمین در طلبم بی غم عشق

Тӯҳматӣ бар ман азинсони зи дили шоди ниҳод

تهمتی بر من ازینسان ز دل شاد نهاد