Манам аз меҳнати айёми бдонсон ки мапурс

منم از محنت ایام بدانسان که مپرس

Ва он бадали мирсдми зи офати даврон ки мапурс

و آن بدل میرسدم ز آفت دوران که مپرس

Ваон ки аз шаст қазо зад зи камони чархам

وان که از شست قضا زد ز کمان چرخم

Бегмони тири бало бар ҳадафи ҷон ки мапурс

بیگمان تیر بلا بر هدف جان که مپرس

Ман ним Юсуф ва аз макри Зулайхои ҷаҳон

من نیم یوسف و از مکر زلیخای جهان

То бҳдӣ шудаам бастаи зиндон ки мапурс

تا بحدی شده ام بسته زندان که مپرس

Ман на рўӣини танаму рустам дастон занадам

من نه روئین تنم و رستم دستان زندم

Аз камони ситами он новаки парон ки мапурс

از کمان ستم آن ناوک پران که مپرس

Ҳар чаҳ айём биравӣ орадам аз чун ва чароаш

هر چه ایام بروی آردم از چون و چراش

Зуҳра дорам ки бипурсам шудаи фармон ки мапурс

زهره دارم که بپرسم شده فرمان که مپرس

Айб ҷӯён мананд зи онҳамаи рӯу дили ман

عیب جویان منند ز آنهمه رو و دل من

Аз ҳунар ҳаст бад онгуна гурезон ки мапурс

از هنر هست بد آنگونه گریزان که مپرس

Дӯш гуфтам хрдои ҳеҷ хабари дорӣ аз онк

دوش گفتم خردا هیچ خبر داری از آنک

Дод чандон фалаками баҳраи зи ҳурмон ки мапурс

داد چندان فلکم بهره ز حرمان که مپرس

Гуфт к-эии ибни ямини хастаи дил аз даври фалак

گفت کای ابن یمین خسته دل از دور فلک

Ҳаст дар водии ҳурмон чу ту чндонкаҳ мапурс

هست در وادی حرمان چو تو چندانکه مپرس

Ҳеҷ доне чаҳ кунӣ қатъ назар кун зи ҷаҳон

هیچ دانی چه کنی قطع نظر کن ز جهان

То шавад бар ту чунон мушкилаши осон ки мапурс

تا شود بر تو چنان مشکلش آسان که مپرس