То кард зери сояи ниҳони зулфати офтоб
تا کرد زیر سایه نهان زلفت آفتاب
Афтод ҳамчуи зарраи марои дил дар изтироб
افتاد همچو ذره مرا دل در اضطراب
Ҳар кас ки чини зулфи турои гоҳ васф гуфт
هر کس که چین زلف ترا گاه وصف گفت
Машк хато наронад сухан бар раҳи савоб
مشک خطا نراند سخن بر ره صواب
Зулфи ту снблист ки лолоаш анбараст
زلف تو سنبلیست که لالاش عنبرست
Ҷузи хӯн сӯхта набӯд ҳеҷ машки ноб
جز خون سوخته نبود هیچ مشک ناب
Аз нозукии буруни танати дил буд падед
از نازکی برون تنت دل بود پدید
зи инсон ки снгризаҳ падедаст андари об
ز انسان که سنگریزه پدیدست اندر آب
Хоҳам ки ҳамчуи ҷони кашами андари ?бирт ва лек
خواهم که همچو جان کشم اندر برت و لیک
Бе зари з симбр натавон гашти комёб
بی زر ز سیمبر نتوان گشت کامیاب
Чун чанг сар фиканда ба пешами бағами мудом
چون چنگ سر فکنده به پیشم بغم مدام
Каз ҷаври даври кӣса тиҳӣ кард чун рубоб
کز جور دور کیسه تهی کرد چون رباب
Дили майли ҷоми лаъл ту кардаст чун кунам
دل میل جام لعل تو کردست چون کنم
Зини нои халаф ки боз фитодаст дар шароб
زین نا خلف که باز فتادست در شراب
Гуфтам магар бихоб бубинами хаёли ту
گفتم مگر بخواب ببینم خیال تو
Лекини маро хаёл маҳоласт битўи хоб
لیکن مرا خیال محالست بیتو خواب
Меҳри ту боз дар дили ибн ямин нишаст
مهر تو باز در دل ابن یمین نشست
Яъне ки ҷои ганҷи бкнҷӣ буд хароб
یعنی که جای گنج بکنجی بود خراب