эй зи чашмам шудаи пинҳону бадал дар зада чанг

ای ز چشمم شده پنهان و بدل در زده چنگ

Чун басар мебарӣ айёми дарин кулбаи танг

چون بسر میبری ایام درین کلبه تنگ

Гашти зи ойинаи ҷони акси рахти зоҳир аз онк

گشت ز آئینه جان عکس رخت ظاهر از آنک

Сайқали нури ту бздўди азуи зулмати занг

صیقل نور تو بزدود ازو ظلمت زنگ

Чашми бади давр чаҳ зебост бар он рӯй чу моҳ

چشم بد دور چه زیباست بر آن روی چو ماه

Пайкари сунбули анбари нафаси ғолияи ранг

پیکر سنبل عنبر نفس غالیه رنگ

То зи занҷири сари зулфи ту девона шудам

تا ز زنجیر سر زلف تو دیوانه شدم

Шодами ?иҷон ки маро на ғам номаст на нанг

شادم ایجان که مرا نه غم نامست نه ننگ

Ту агар сулҳ вагар ҷанг кунӣ маҳбӯбӣ

تو اگر صلح و گر جنگ کنی محبوبی

Хуштар аз сулҳи кас дигарам ояд зи ту ҷанг

خوشتر از صلح کس دیگرم آید ز تو جنگ

Аз сари кӯй ту гуфтам бсломт биравам

از سر کوی تو گفتم بسلامت بروم

Худ дар омад зи қазои пои дили зори бснг

خود در آمد ز قضا پای دل زار بسنگ

Гавҳари васли ту дар ком наҳангаст валек

گوهر وصل تو در کام نهنگست ولیک

Дар нуҳуми гом ва бурун оварам аз коми наҳанг

در نهم گام و برون آورم از کام نهنگ

Бас ки хорам чу не аз қавли мухолифи дами ту

بس که خوارم چو نی از قول مخالف دم تو

Ҳар раҳгии нола дигар кунадам рост чу чанг

هر رگی ناله دیگر کندم راست چو چنگ

Дам исмат мазану тозаи буруни ои зи пӯст

دم عصمت مزن و تازه برون آی ز پوست

Равшанаст ибни яминро ки ту баси шухӣу шнг

روشنست ابن یمین را که تو بس شوخی و شنگ