Гар аз рӯй ту уфтад акс бар об
گر از روی تو افتد عکس بر آب
Шавад ҷонрои мусаввири чеҳра дар об
شود جانرا مصور چهره در آب
Туро то дидам аз ҷамъи латифон
ترا تا دیدم از جمع لطیفان
Наёяд ҳеҷ дар чашмами магари об
نیاید هیچ در چشمم مگر آب
зи меҳри оризати чашмам пар обаст
ز مهر عارضت چشمم پر آبست
Балии хуршеди орад дар назари об
بلی خورشید آرد در نظر آب
Шуд об аз шарми рӯяти шамъ аз онсон
شد آب از شرم رویت شمع از آنسان
Ки то поиш гирифт аз фарқи сари об
که تا پایش گرفت از فرق سر آب
Магари васфи лабат дар Миср гуфтанд
مگر وصف لبت در مصر گفتند
Ки дар не шуд зи шарми он шукри об
که در نی شد ز شرم آن شکر آب
Машав аз чашми ман давр ар чаҳ бошад
مشو از چشم من دور ار چه باشد
Маро дар чашми доим бар гузари об
مرا در چشم دائم بر گذر آب
Бъҳди трктози чашмат ар чаҳ
بعهد ترکتاز چشمت ار چه
Намонад ибни яминро дар ҷигари об
نماند ابن یمین را در جگر آب
Вале дорад зи файзи ҳиндӯии чашм
ولی دارد ز فیض هندوی چشم
Ҳануз аз ҷумлаи ашёи бештари об
هنوز از جمله اشیا بیشتر آب