Каҷ назар бошам агар бо ту бадали рости ним
کج نظر باشم اگر با تو بدل راست نیم
ё бҷон дар паии корӣ ки дилати хости ним
یا بجان در پی کاری که دلت خواست نیم
Онкӣ бар оташи савдоӣ ту бинишаст манам
آنکه بر آتش سودای تو بنشست منم
Онкӣ аз хоки раҳи ишқ ту бархест ним
آنکه از خاک ره عشق تو برخاست نیم
Хори хори гули сероби ту гар нест маро
خار خار گل سیراب تو گر نیست مرا
Бандаи онкии сеӣ сарв ту перост ним
بنده آنکه سهی سرو تو پیراست نیم
Нест соҳибназари он каз ту шикебаш бошад
نیست صاحبنظر آن کز تو شکیبش باشد
Шукри эзад ки ман он каз ту шикебст ним
شکر ایزد که من آن کز تو شکیباست نیم
Ман ва ту ҳар ду чу моҳем ва аҷаб нест маро
من و تو هر دو چو ماهیم و عجب نیست مرا
Ту дар афзӯнӣ ва ман бе кам ва бе кости ним
تو در افزونی و من بی کم و بی کاست نیم
Тоқи абрӯии ту миҳроб кунамгар чаҳ каҷ аст
طاق ابروی تو محراب کنم گر چه کج است
То нгўинди магар бо ту бадали рости ним
تا نگویند مگر با تو بدل راست نیم
Гуфта ӣии ибн ямин нест бадали ошиқи ман
گفته ئی ابن یمین نیست بدل عاشق من
Гар ним бандаи онкў рахт орост ним
گر نیم بنده آنکو رخت آراست نیم