То бар канор ҳасан нишаст абрӯят чу навен
تا بر کنار حسن نشست ابرویت چو نون
Дорам чу ваов ғарқаи дилӣ дар миёни хӯн
دارم چو واو غرقه دلی در میان خون
Хӯни дилами зи дида бурун шуд зи орзӯат
خون دلم ز دیده برون شد ز آرزوت
Ореи зи дида ҳар чаҳ шуд аз дил шавад бурун
آری ز دیده هرچه شد، از دل شود برون
Бо мшкбори силсилаи зулфи пари хамат
با مشکبار سلسلهٔ زلف پُر خمت
Ақлӣ надорад онкӣ нагирад раҳи ҷунун
عقلی ندارد آنکه نگیرد ره جنون
Гар шуд забуни ғамзаи оҳӯи вшти дилам
گر شد زبون غمزه آهو وَشَت دلم
Нашигифт аз онкӣ ишқ кунад шерро забун
نهشگفت از آنکه عشق کند شیر را زبون
Онро ки мори зулфи ту бар дили зи дасти захм
آنرا که مار زلف تو بر دل زدهست زخم
Тирёки обдори лаби ту даму фусун
تریاک آبدار لب تو دم و فسون
Дар пой ту фиканда сари хеш дида ам
در پای تو فکنده سر خویش دیدهام
Андам ки шуд бҳсни туами дидаи раҳнамӯн
آندم که شد به حسن توام دیده رهنمون
зи ибни ямин агар талабии ҷони нозанин
ز ابن یمین اگر طلبی جان نازنین
Бас лоуболӣ аст бигӯед чаро ва чун
بس لاابالی است بگوید چرا و چون