Субҳ дамид соқиои базми сабӯҳ соз кун
صبح دمید ساقیا بزم صبوح ساز کن
Бар дили мо зи хуррамӣ дар зи биҳишт боз кун
بر دل ما ز خرمی در ز بهشت باز کن
Гар чаҳ ки ноз карда ӣӣ эй бути нозанини ман
گر چه که ناز کرده ئی ای بت نازنین من
Нек хуш оядам зи ту боз дар ой ва ноз кун
نیک خوش آیدم ز تو باز در آی و ناز کن
зи ончӣ буд зёдтии дасти зи об руз бишӯй
ز آنچه بود زیادتی دست ز آب رز بشوی
Вази хбсоти орзӯи поки шӯ ва намоз кун
وز خبثات آرزو پاک شو و نماز کن
Савму слўаҳи нофилагар чаҳ сутӯдаи тоътист
صوم و صلوه نافله گر چه ستوده طاعتیست
Шояд агар набошадат нон бидиҳ ва ниёз кун
شاید اگر نباشدت نان بده و نیاز کن
Бози сипеди ақлро дидаи чунин чаҳ бастаи ӣӣ
باز سپید عقل را دیده چنین چه بسته ئی
То бҳўои дили рисии дидаи боз боз кун
تا بهوای دل رسی دیده باز باز کن
Булбули хўшнўои чунон дар қафас аз забон буд
بلبل خوشنوا چنان در قفس از زبان بود
Дам мазану нишеман аз дасти шаҳон чу боз кун
دم مزن و نشیمن از دست شهان چو باز کن
Ибни ямин агар туро орзӯӣ саломатаст
ابن یمین اگر ترا آرزوی سلامتست
Рӯ дар орзӯии дил бар рухи худ фароз кун
رو در آرزوی دل بر رخ خود فراز کن