Сунбуласт он баннои гӯши самани симои ту

سنبل است آن بنا‌گوش سمن‌سیمای تو

ё каманди анбарин ё зулфи сӯсани сои ту

یا کمند عنبرین یا زلفِ سوسن‌سای تو

Чун ту сарви ростиро чашми кас ҳаргиз надид

چون تو سرو راستی را چشم کس هرگز ندید

Ҳам ту бошӣ онкӣ кажбин бинадаш ҳамтои ту

هم تو باشی آنکه کژبین بیندش همتای تو

Чашм он дорам зи бахти худ ки рӯзӣ бе ҳиҷоб

چشم آن دارم ز بخت خود که روزی بی‌حجاب

Гар буд рои ту байнам рӯй шҳророи ту

گر بود رای تو بینم روی شهرآرای تو

Дар ҷаҳонгар лоф озодӣ занад сарви сеӣ

در جهان گر لاف آزادی زند سرو سهی

Зибдш чун ҳаст камтари бандаи болои ту

زیبدش چون هست کمتر بنده بالای تو

Бо чунон қадӣ ки монад рост бо симини алиф

با چنان قدی که مانَد راست با سیمین الف

Чун алифи зебади миёни ҷони ширини ҷои ту

چون الف زیبد میانِ جانِ شیرین جای تو

Гар кунам сар дар сари савдои васлат бок нест

گر کنم سر در سر سودای وصلت باک نیست

Зиндаи онрои дон ки бошад куштаи ғавғои ту

زنده آنرا دان که باشد کشته‌ غوغای تو

Хӯрдае хӯни дилам вар нест бовар аз миннат

خورده‌ای خون دلم ور نیست باور از منت

Шоҳид ҳоласт инак сурхии лабҳои ту

شاهد حالست اینک سرخیِ لب‌های تو

Сари фарозам бар фалакгар бози байнами хеш ро

سر فرازم بر فلک گر باز بینم خویش را

Серумаи чашми ҷаҳон байн карда хоки пои ту

سرمه چشم جهان‌بین کرده خاک پای تو

Гуфтамаш ҷонро бабўсӣ бо ту савдо ме кунам

گفتمش جانرا ببوسی با تو سودا می‌کنم

Гуфт к-эии ибни ямин то чанд азин савдои ту

گفت کای ابن یمین تا چند ازین سودای تو