Ширини бутами аихсрўи хубони замона

شیرین بتم ایخسرو خوبان زمانه

Дар ишқ ту гаштем чу Фарҳоди фасона

در عشق تو گشتیم چو فرهاد فسانه

То ғамзаи масти ту камони сохт зи абрӯ

تا غمزه مست تو کمان ساخت ز ابرو

Шуд тири балоро дили ушшоқи нишона

شد تیر بلا را دل عشاق نشانه

Сӯзи дили ман шуъла зад аз ашки дамодам

سوز دل من شعله زد از اشک دمادم

Кас дид ки оташ занад аз оби забона

کس دید که آتش زند از آب زبانه

эй бас ки дилам дар талаб чашма навишт

ای بس که دلم در طلب چشمه نوشت

Дар бодияи фикри фурӯи баради гамона

در بادیه فکر فرو برد گمانه

Дар доми балои донаи холи туами афканд

در دام بلا دانه خال توام افکند

эй бас ки фитад мурғи бдом аз паии дона

ای بس که فتد مرغ بدام از پی دانه

Зон бар ҷигарам об намондаст ки чашмам

زان بر جگرم آب نماندست که چشمم

Аз гавҳар шҳўор бипардохт хазона

از گوهر شهوار بپرداخت خزانه

Фарқӣ ки миёни сари зулфи ту ва машкаст

فرقی که میان سر زلف تو و مشکست

Фрқист ки машшота кунад рости бшонаҳ

فرقیست که مشاطه کند راست بشانه

Бо оризи гулгуну қади рост чу сарват

با عارض گلگون و قد راست چو سروت

Аз сарву зи гули ибн ямин кард карона

از سرو و ز گل ابن یمین کرد کرانه

Ҳаргиз наравад баҳри тамошои сӯии саҳро

هرگز نرود بهر تماشا سوی صحرا

Он кас ки тмошогаҳ ӯ ҳаст ба хона

آن کس که تماشاگه او هست به خانه