Бигӯ эй моҳи тобон то кҷоӣӣ

بگو ای ماه تابان تا کجائی

Ки икдм назд муштоқони нёӣӣ

که یکدم نزد مشتاقان نیائی

Чу ман баҳри тавъами бегона аз хеш

چو من بهر توأم بیگانه از خویش

Чаро бастии тариқи ошноӣӣ

چرا بستی طریق آشنائی

Бигӯ зи он лаби сухангар нек вагар бад

بگو ز آن لب سخن گر نیک و گر بد

Ки чун тӯтии биҷузи шукри нхоӣӣ

که چون طوطی بجز شکر نخائی

Маро кӣ моҷаро сахт ояд аз ту

مرا کی ماجرا سخت آید از تو

Ки ту сар то қадами айни сФоӣӣ

که تو سر تا قدم عین صفائی

зи дасти дӯстони заҳри ҳалоҳил

ز دست دوستان زهر هلاهل

Кунад чун нўшдорўи ҷонФзоӣӣ

کند چون نوشدارو جانفزائی

Туро бар ҷони мо фармон равонаст

ترا بر جان ما فرمان روانست

Ки ту шоҳӣ ва мо мушти гдоӣӣ

که تو شاهی و ما مشت گدائی

Агар маъшӯқи ринд ва ме парастаст

اگر معشوق رند و می پرستست

Нзибди ъошқонрои порсоӣӣ

نزیبد عاشقانرا پارسائی

Магар вақте бетони ибни ямин ро

مگر وقتی بتن ابن یمین را

Зарурат уфтад аз Кувайти ҷдоӣӣ

ضرورت افتد از کویت جدائی