Хиромон меравад дилбари таъолии аллоҳ чаҳ рафтораст

خرامان میرود دلبر تعالی الله چه رفتارست

Шукри миборд аз писта банно мезад чаҳ гуфтораст

شکر میبارد از پسته بنا میزد چه گفتارست

Бигард чашмаи нӯшин чаҳ хуррами сабза ӣӣ дорад

بگرد چشمه نوشین چه خرم سبزه ئی دارد

Хизр бар обҳиўонст ва бар шингарф зангораст

خضر بر آبحیوانست و بر شنگرف زنگارست

Нигоро аз дилами икдми ғамати ғоӣби нмигрдд

نگارا از دلم یکدم غمت غائب نمیگردد

Надорам дар ҷаҳони ҷузи ғам ки дилҷӯйаст ва дилдораст

ندارم در جهان جز غم که دلجویست و دلدارست

Ман аз ҷом май ишқат агар мастам аҷаб набӯд

من از جام می عشقت اگر مستم عجب نبود

Аҷаби зи онкас ҳаме дорам ки дар давр ту ҳушёраст

عجب ز آنکس همی دارم که در دور تو هشیارست

Сари андари поят афкандам гирифтӣ хурдае бар ман

سر اندر پایت افکندم گرفتی خرده‌ای بر من

Манеҳ ойини безорӣ ки андак моя озораст

منه آئین بیزاری که اندک مایه آزارست

зи чашми фитнаи ангезати бадӣ кардан чаҳ омӯзӣ

ز چشم فتنه انگیزت بدی کردن چه آموزی

Биомуз аз рахти охир ки ӯ бас нек кирдораст

بیاموز از رخت آخر که او بس نیک کردارست

Агар ибн ямин гуяд ки аз ҷонати ним банда

اگر ابن یمین گوید که از جانت نیم بنده

Азу машну ки ин даъвии пас иқрор инкораст

ازو مشنو که این دعوی پس اقرار انکارست