Мишкӣни сари зулфи ту ки дар пои кшонст
مشکین سر زلف تو که در پای کشانست
Дар дили раг судаст ки пайвастаи бҷонст
در دل رگ سود است که پیوسته بجانست
Лаъли ту Нидо кард ки икбўсаҳи бҷонӣ
لعل تو ندا کرد که یکبوسه بجانی
зи Андами дили сўдоӣии ман дар пай онаст
ز آندم دل سودائی من در پی آنست
Гар зи онкии диламро буд ин байъи мусаллам
گر ز آنکه دلم را بود این بیع مسلم
Сўдист ки сармоя иқбол ҷаҳонаст
سودیست که سرمایه اقبال جهانست
Тоқи хами абрӯат ки пайвастаи бмонод
طاق خم ابروت که پیوسته بماناد
Миҳроби дили хастаи соҳбнзронст
محراب دل خسته صاحبنظرانست
Ёқӯти лабат то бшкри ханда дар омад
یاقوت لبت تا بشکر خنده در آمد
Хӯни дили лаълаши зи ҳасад дар хафақонаст
خون دل لعلش ز حسد در خفقانست
Бемор шуд аз чашми сиҳкори ту наргис
بیمار شد از چشم سیهکار تو نرگس
Зардии ҷаҳони бениши далели ирқонст
زردی جهان بینش دلیل یرقانست
Ҷону дил ман шуд сипари теғи маломат
جان و دل من شد سپر تیغ ملامت
зи онғмзаҳу абрӯат ки чун тир ва камонаст
ز آنغمزه و ابروت که چون تیر و کمانست
Гуфтам ки ббодом сиёҳат надаҳум дил
گفتم که ببادام سیاهت ندهم دل
Лекини чаканами пистаи ту чарб забонаст
لیکن چکنم پسته تو چرب زبانست
Дар ишқи ту бар дили рақам сабр кашӣдан
در عشق تو بر دل رقم صبر کشیدن
Чун хишт задан бар зибр об равонаст
چون خشت زدن بر زبر آب روانست
Рафтӣ ваз пас менигарад ибни яминат
رفتی وز پس مینگرد ابن یمینت
Чун кушта ки чашмаши зи пай ҷон нигаронаст
چون کشته که چشمش ز پی جان نگرانست