Мо чу зулфу чашмат эй маҳваш парешонему маст

ما چو زلف و چشمت ای مهوش پریشانیم و مست

Ҷоми ному нангро бар санги қлошии шикаст

جام نام و ننگ را بر سنگ قلاشی شکست

Гӯ макун девонаро оқили насиҳати баҳри онк

گو مکن دیوانه را عاقل نصیحت بهر آنک

Ҳӯшёрӣ ноед аз масти сабӯҳии аласт

هوشیاری ناید از مست صبوحی الست

Бар сўомъ аз сафои рӯят ар аксӣ фитад

بر صَوامِع از صفای رویت ار عکسی فتد

эй басои ғавғо ки хезад аз саф аҳл нишаст

ای بسا غوغا که خیزد از صف اهل نشست

Орзӯ дорам ба трёқи лаби ҷон парварат

آرزو دارم به تریاق لب جان‌پرورت

Раҳм кун чун мори зулфи тобдорт дил бахаст

رحم کن چون مار زلف تابدارت دل بخست

Меҳри он моҳи камони абрӯ на кори тест лек

مهر آن ماه کمان‌ابرو نه کار تست لیک

Аз пушаймонӣ чаҳ суд акнӯн чу тир аз шасти ҷуст

از پشیمانی چه سود اکنون چو تیر از شست جست

Дил ба сони моҳӣ бар хок аз онам ме тапад

دل به سان ماهی بر خاک از آنم می‌تپد

Коид аз як банди зулфи пари хамаши панҷоҳ шаст

کآید از یک بند زلف پر خمش پنجاه شست

Дил ба меҳри дайгарии ибн ямин додӣ зи даст

دل به مهر دیگری ابن یمین دادی ز دست

Дар ҷаҳонгар дайгарӣ ҳамтоаш донистӣ ки ҳаст

در جهان گر دیگری همتاش دانستی که هست