ё раби ин буии хуш аз равза ризвон бархест
یا رب این بوی خوش از روضه رضوان برخاست
ё насими саҳар аз соҳат бустон бархест
یا نسیم سحر از ساحت بستان برخاست
ё зи чини сари зулфин чу шоми бути ман
یا ز چین سر زلفین چو شام بت من
Субҳдами боди сабои ғолия афшон бархест
صبحدم باد صبا غالیه افشان برخاست
Буии пероҳани Юсуфи магар аз ҷониби Миср
بوی پیراهن یوسف مگر از جانب مصر
Аз паии роҳати ёқӯб бкнъон бархест
از پی راحت یعقوب بکنعان برخاست
Серумаи равшании чашми ҷаҳони байн ман аст
سرمه روشنی چشم جهان بین من است
Ҳар ғуборӣ ки зи хок дар ҷонон бархест
هر غباری که ز خاک در جانان برخاست
Ҷони фидои хати мишкӣнат ки чун меҳри гиёҳ
جان فدای خط مشکینت که چون مهر گیاه
Сабзу хуррами зи лаби чашма ҳайвон бархест
سبز و خرم ز لب چشمه حیوان برخاست
Ёфт тӯтии хатати Хизри сифати обҳёт
یافت طوطی خطت خضر صفت آبحیات
Гар чаҳ аввали бҳўоӣ шкрстон бархест
گر چه اول بهوای شکرستان برخاست
Холи мишкӣни ту бар оташи рухи ҳамчуи сапанд
خال مشکین تو بر آتش رخ همچو سپند
Сӯхт дар оташати ин дӯди сияҳ зон бархест
سوخت در آتشت این دود سیه زان برخاست
Ғамзаи масти ту дар хӯн дилам дорад даст
غمزه مست تو در خون دلم دارد دست
Зудам аз пой дар орад чу бадастон бархест
زودم از پای در آرد چو بدستان برخاست
Сари бпои ту дар афкандам ва ақлам мегуфт
سر بپای تو در افکندم و عقلم میگفت
Мӯр бо пои малахи пеш сулаймон бархест
مور با پای ملخ پیش سلیمان برخاست
Сухани зулфи ту ногуҳ бзбон оварадам
سخن زلف تو ناگه بزبان آوردم
Аз даҳонами сифаташи сахт парешон бархест
از دهانم صفتش سخت پریشان برخاست
Гар нишинад сухани ибни ямин дар дили халқ
گر نشیند سخن ابن یمین در دل خلق
Чаҳ аҷаби он на чу сӯзӣаст ки аз ҷон бархест
چه عجب آن نه چو سوزیست که از جان برخاست