Як ду навбат дар ҷаноби хусрави ҷамшеди фар

یک دو نوبت در جناب خسرو جمشید فر

Онкӣ ёбад малики азу ҳамчун тан аз ҷони тарбият

آنکه یابد ملک ازو همچون تن از جان تربیت

Вонкаҳи баҳри бахшиш ӯ симу зарро мерасад

وانکه بهر بخشش او سیم و زر را میرسد

Дар самими кони зи лутфи меҳри тобони тарбият

در صمیم کان ز لطف مهر تابان تربیت

Вонкаҳи зери сояи меҳраш аҷаб ноед маро

وانکه زیر سایه مهرش عجب ناید مرا

Гар зи нур моҳ ёбад тори каттони тарбият

گر ز نور ماه یابد تار کتان تربیت

Ман бъўни раъии перу қӯти бахти ҷавон

من بعون رأی پیر و قوت بخت جوان

Арза кардам шеър ва зу дидам фаровони тарбият

عرضه کردم شعر و زو دیدم فراوان تربیت

Худ бтҳсин тарбият фармуд ва пас наввоб ро

خود بتحسین تربیت فرمود و پس نواب را

Кард ишорат то кунад аз роҳи эҳсони тарбият

کرد اشارت تا کند از راه احسان تربیت

Дар амали наввобро пурвои ман гўӣӣ набӯд

در عمل نواب را پروای من گوئی نبود

Зонка то акнӯн асар пайдо нашуд зон тарбият

زانکه تا اکنون اثر پیدا نشد زان تربیت

Нқсаҳ алмсдўр кардам арза то донад амир

نقثه المصدور کردم عرضه تا داند امیر

Онкии андари шаъни манашон буд аз аинсони тарбият

آنکه اندر شأن منشان بود از اینسان تربیت

Тарбият гар мекунад хусрав бадваст худ кунад

تربیت گر میکند خسرو بدوست خود کند

зи онкии ин чокар нахоҳад ёфт зишони тарбият

ز آنکه این چاکر نخواهد یافت زیشان تربیت

То буд одат ки доими ғунчаи дилтанг ро

تا بود عادت که دائم غنچه دلتنگ را

Лаб шавад хандон чу бояд зи абри Нитсаон тарбият

لب شود خندان چو باید ز ابر نیسان تربیت

Абри Нитсаон кафши файёзи бодои ончнонк

ابر نیسان کفش فیاض بادا آنچنانک

Ёбад аз ваии ғунчаи лабҳои хандони тарбият

یابد از وی غنچه لب‌های خندان تربیت