Падар ки марқад ӯ бод то абади пари нур

پدر که مرقد او باد تا ابد پر نور

Хаёли худ шаби дӯшин маро бихоб намӯд

خیال خود شب دوشین مرا بخواب نمود

Чу дид зоташи меҳнат кабоб гашта дилам

چو دید زاتش محنت کباب گشته دلم

Ниҳод рӯй сӯии ман бсди шитоб чу дӯд

نهاد روی سوی من بصد شتاب چو دود

зи роҳи шафқат ва аз рӯй марҳамат дар ҳол

ز راه شفقت و از روی مرحمت در حال

зи дарҷи гавҳари шҳўори қуфли лаъли кашуад

ز درج گوهر شهوار قفل لعل کشود

Савол кард ки ибни ямин чаҳ айбат буд

سؤال کرد که ابن یمین چه عیبت بود

Ки рӯй бахти турои нохуни замонаи шхўд

که روی بخت ترا ناخن زمانه شخود

Ҷавоб додам ва гуфтам ки ҷузи ҳунари айбӣ

جواب دادم و گفتم که جز هنر عیبی

Агар чаҳ қофия золст нест дар Маҳмӯд

اگر چه قافیه ذالست نیست در محمود

Валикини ин фалаки биҳнри бад-ӣни айбам

ولیکن این فلک بیهنر بدین عیبم

зи дили қарори бабради вази дидаи хоби рабӯд

ز دل قرار ببرد وز دیده خواب ربود

Хиради бтънаҳи ҳмигўидм ки хуш мебош

خرد بطعنه همیگویدم که خوش میباش

Агар бкости зи шодят дар ғамати бФзўд

اگر بکاست ز شادیت در غمت بفزود

Шикоятӣ ки маро буд аз фалак гуфтам

شکایتی که مرا بود از فلک گفتم

Шунӯд яксару некӯ насиҳатӣ фармуд

شنود یکسر و نیکو نصیحتی فرمود

Чаҳ гуфт гуфт зи меҳри сипеҳр дил бурдор

چه گفت گفت ز مهر سپهر دل بردار

Ки ҳаст атласи нилии чархи ҷомаи кабӯд

که هست اطلس نیلی چرخ جامه کبود

Мабош ранҷаи зи баҳри ҷаҳон ки сиккаи шинос

مباش رنجه ز بهر جهان که سکه شناس

Надоди нақди раворо бқлб рӯй андӯд

نداد نقد روا را بقلب روی اندود

Мадори умеди зи аҳли замона аз киу ма

مدار امید ز اهل زمانه از که و مه

Вагар зи роҳи шарафи фарқи Фрқдини Фрсўд

و گر ز راه شرف فرق فرقدین فرسود

Надидаи ӣӣ ки чаҳ гуфтаст шоирӣ ки дамаш

ندیده‌ای که چه گفته‌ست شاعری که دمش

Ғубори знки зи ойинаи равони бздўд

غبار زنک ز آئینه روان بزدود

Ҳазор сол тнъм кунӣ бидон нарасад

هزار سال تنعم کنی بدان نرسد

Ки икзмони бмроди касят бояд буд

که یکزمان بمراد کسیت باید بود

Ту нек бош баҳри ҳол аз бидон мандяш

تو نیک باش بهر حال از بدان مندیش

Ки тухми нек ҳар онкас ки кишт бад надуруд

که تخم نیک هر آنکس که کشت بد ندرود