Ълоءи давлату дайни осифи сулаймони фар

علاء دولت و دین آصف سلیمان فر

Зиҳии ҷаноби ту арбоби фазлро мأўо

زهی جناب تو ارباب فضل را مأوا

зи ҳодисот касе колтҷои баҷоа ту кард

ز حادثات کسی کالتجا بجاه تو کرد

Даромад аз туфи дӯзахи бсоиаҳи тӯбо

درآمد از تف دوزخ بسایه طوبی

Тўӣикаҳи гавҳари мадҳати бнзми ибни ямин

توئیکه گوهر مدحت بنظم ابن یمین

зи роҳ мартаба гаштаст зевари дунё

ز راه مرتبه گشتست زیور دنیا

Манам ки номи ту дар ҳар ҳунар ки ном баранд

منم که نام تو در هر هنر که نام برند

Канора кард битобед шеърам аз шуъаро

کناره کرد بتابید شعرم از شعرا

Марои бпрўру номи накӯи бадаст овар

مرا بپرور و نام نکو بدست آور

Ки номи неки зи ҳарчоварӣ буд аввалӣ

که نام نیک ز هرچ آوری بود اولی

Сухан ҷудо кунад андари замонаи нек аз бад

سخن جدا کند اندر زمانه نیک از بد

Нигоҳ кун ки чаҳ хуш гуфт собири аинмънӣ

نگاه کن که چه خوش گفت صابر اینمعنی

Чаҳ пояи зикр ки аз шеър мунташир гаштаст

چه پایه ذکر که از شعر منتشر گشتست

Каримро бмдиҳи влӣимро бҳҷо

کریم را بمدیح ولئیم را بهجا

Турои худои биҳамдиллоҳи он карам додаст

ترا خدای بحمدالله آن کرم دادست

Ки муншии фалакии мадҳ ту кунад иншо

که منشی فلکی مدح تو کند انشا

Бақои умри ту бодо ки худ мадоеҳи ту

بقای عمر تو بادا که خود مدایح تو

Ҳмикнди карамат бар суханварони имло

همیکند کرمت بر سخنوران املا