Гуфтанд ки суҳбати бузургон
گفتند که صحبت بزرگان
Аз ранҷи ниёз во раҳанд
از رنج نیاز وا رهاند
Рӯзии ду бхдмти истодан
روزی دو بخدمت ایستادن
Умрии бмроди дили расонад
عمری بمراد دل رساند
Сармоя умр медиҳад нақд
سرمایه عمر میدهد نقد
Пас ваъдаи насяи мистонд
پس وعده نسیه میستاند
Аввал ҳама заҳматаст борӣ
اول همه زحمتست باری
То чун буд охираш ки донад
تا چون بود آخرش که داند
Чун неку бади сипеҳри гардон
چون نیک و بد سپهر گردان
Пайвастаи бик сифат намонад
پیوسته بیک صفت نماند
Ба зон набӯд ки марди оқил
به زان نبود که مرد عاقل
Чун ибни ямин агар тавонад
چون ابن یمین اگر تواند
Гирди ҳаваси ҷаҳони фонӣ
گرد هوس جهان فانی
Аз домани дили фурӯи нишонд
از دامن دل فرو نشاند
Пайвастаи зи мусҳафи иродат
پیوسته ز مصحف ارادت
Ҷузи оят офият нахонд
جز آیت عافیت نخواند
То ҳаст бҳўш мекунад нӯш
تا هست بهوش می کند نوش
Ҷомӣ ки қазоаш мечашонд
جامی که قضاش میچشاند