Саҳари гуҳӣ мутафаккир нишаста дар кунҷӣ

سحر گهی متفکر نشسته در کنجی

БФкри онкӣ чаро ҳоли ман бадаст имсол

بفکر آنکه چرا حال من بد است امسال

зи дидаи оби равону зи синаи оҳи кашон

ز دیده آب روان و ز سینه آه کشان

зи баҳри неъмати дунёу баҳри молу манол

ز بهر نعمت دنیا و بهر مال و منال

Дарин миёнаи андешаҳо бадал гуфтам

درین میانه اندیشه ها بدل گفتم

Буд ки нек шавад хотири пришонҳол

بود که نیک شود خاطر پریشانحال

Ҷавоб дод ва бигуфто бъҳди ин махдум

جواب داد و بگفتا بعهد این مخدوم

зи ҳаии тасаввури ботили зиҳии хаёли маҳол

ز هی تصور باطل زهی خیال محال