Ид қурбон омад эй дилбар шавам қурбони ту
عید قربان آمد ای دلبر شوم قربان تو
Соғарӣ май даҳ ки ҷони созами фидои ҷони ту
ساغری می ده که جان سازم فدای جان تو
Нест кории ҷони фидо кардан ба роҳи дӯстон
نیست کاری جان فدا کردن به راه دوستان
Ҷон чаҳ бошад ончӣ дорам он шавад қурбони ту
جان چه باشد آنچه دارم آن شود قربان تو
Ман кадомам кистам аз худ чаҳ дорам чистам ?
من کدامم کیستم از خود چه دارم چیستم؟
Аз ту дорам ҳарчӣ дорам ҷумла бошад он ту
از تو دارم هرچه دارم جمله باشد آن تو
Дар мнои ишқи бӯсами дасту бозуии қазо
در منای عشق بوسم دست و بازوی قضا
Гар наад рӯзӣ ба ҳалқам ханҷар барон ту
گر نهد روزی به حلقم خنجر برّان تو
Рӯзи маҳшар май намоям бар шаҳидони фахрҳо
روز محشر می نمایم بر شهیدان فخرها
Гар ба хӯни хеш рангин бингарам домони ту
گر به خون خویش رنگین بنگرم دامان تو
Донау дом дилам шуд дар биёбони аласт
دانه و دام دلم شد در بیابان الست
Холи ҳиндӯии туу гесуии машки афшони ту
خال هندوی تو و گیسوی مشک افشان تو
Ҳамчуи мурғи бсмли андари хӯни худ пар ме занад
همچو مرغ بسمل اندر خون خود پر می زند
Дар даруни синаи дил аз ҳасрати мижгони ту
در درون سینه دل از حسرت مژگان تو
Дар биҳишт ар нест събон аз чаҳ рӯ бошад ҳаме
در بهشت ار نیست ثعبان از چه رو باشد همی
Дар биҳишт рӯй ту он зулф чун събони ту
در بهشت روی تو آن زلف چون ثعبان تو
Лؤлؤу марҷони зи дарҷи дида май резами ҳаме
لؤلؤ و مرجان ز درج دیده می ریزم همی
Рӯзу шаб аз иштиёқи лؤлؤу марҷони ту
روز و شب از اشتیاق لؤلؤ و مرجان تو
Ҳеҷ нандешад зи хашми хоҷа ӣ озодагон
هیچ نندیشد ز خشم خواجه ی آزادگان
Ман аҷаб дорам зи кори ?наргаши фаттони ту
من عجب دارم ز کار نرگش فتّان تو
Садри неки ахтари ҳасани хони онкӣ гардун гуядаш
صدر نیک اختر حسن خان آنکه گردون گویدش
Ҳалқа ам ҳастам ман андари боби ъзу шаъни ту
حلقه ام هستم من اندر باب عزّ و شأن تو
Муншии гардун бадв гуяд ки ман ҳастам ҳаме
منشی گردون بدو گوید که من هستم همی
Хӯшаи чини хирмани афкор мадҳат хон ту
خوشه چین خرمن افکار مدحت خوان تو
Гуядаш ма мекунам ман дар сипеҳри манзалат
گویدش مه می کنم من در سپهر منزلت
Касби нур аз офтоби хотири тобони ту
کسب نور از آفتاب خاطر تابان تو
Саъд Акбар гуядаш ман он муборак банда ам
سعد اکبر گویدش من آن مبارک بنده ام
Ки брўбм бо мижаи гирд аз бар айвони ту
که بروبم با مژه گرد از بر ایوان تو
Гуядаш нофи ғизоли чин ки ман хӯн ме хӯрам
گویدش ناف غزال چین که من خون می خورم
Каз чаҳ анбар бор бошад калаки тнки афшони ту ?
کز چه عنبر بار باشد کلک تنک افشان تو؟
эй сипеҳри иззату рифъат ки ҷо дорад ҳаме
ای سپهر عزت و رفعت که جا دارد همی
Гар бигӯям ҳаст кайвони чокари дарбони ту
گر بگویم هست کیوان چاکر دربان تو
Рӯҳи қоон май баради андари биёбони адам
روح قاآن می برد اندر بیابان عدم
Саҷда аз хиҷлат ба пеши ҷӯад бе поёни ту
سجده از خجلت به پیش جود بی پایان تو
НФкнии ҳаргиз ба оризи чин ва бар абрӯи гиреҳ
نفکنی هرگز به عارض چین و بر ابرو گره
Гар шавад халқи ҷаҳонии фии алмисли меҳмони ту
گر شود خلق جهانی فی المثل مهمان تو
Соҳиби хулдӣу нирон гар бигӯе нестам
صاحب خلدی و نیران گر بگویی نیستم
Меҳри ту хулд ту бошад қаҳри ту нирони ту
مهر تو خلد تو باشد قهر تو نیران تو
То ту кардӣ ҷои андари маснади фармондиҳӣ
تا تو کردی جای اندر مسند فرماندهی
Ҳашт ҳар гарданкашии сар бар хати фармони ту
هِشت هر گردنکشی سر بر خط فرمان تو
Ҳаст Кирмоншоҳ акнӯн боғ дод Касравӣ
هست کرمانشاه اکنون باغ داد کسروی
Кондрўи раведи гиёҳи адл дар даврони ту
کاندرو روید گیاه عدل در دوران تو
Ту алӣу ол ӯро пайравӣ дар дайни ҳақ
تو علی و آل او را پیروی در دین حق
ШоФъи ҷурми ту дар маҳшар буд имони ту
شافع جرم تو در محشر بود ایمان تو
Кӣ туро парво буд аз сӯзиши нори ҷҳим
کی تو را پروا بود از سوزش نار جحیم
Чун нахобад то саҳаргаҳи дида ӣ гирёни ту
چون نخوابد تا سحرگه دیده ی گریان تو
Ҳала ӣ раҳмати зи меҳри Муртазои пӯшида Эй
حلّه ی رحمت ز مهر مرتضی پوشیده ای
То набинад кас ба маҳшари пайкари урёни ту
تا نبیند کس به محشر پیکر عریان تو
Ҳар ки зад кӯси ҳунар дар паҳна ӣ донишварӣ
هر که زد کوس هنر در پهنه ی دانشوری
Теғ бишикасту сипари андохт дар майдони ту
تیغ بشکست و سپر انداخت در میدان تو
Ту на марди бодау ҷомии туро кофӣ буд
تو نه مرد باده و جامی تو را کافی بود
Дар танури дили кабоби синаи бирёни ту
در تنور دل کباب سینهٔ بریان تو
То дамад ҳар сбҳгаҳ рухшанда шед аз ховарон
تا دَمَد هر صبحگه رخشنده شید از خاوران
Партави афкани боди меҳри оризи рахшони ту
پرتو افکن باد مهر عارض رخشان تو
Фахр кун илҳомӣ аз рифъат ба марди Ширвон
فخر کن الهامی از رفعت به مرد شیروان
Зон ки мадҳ садр бошад зинати девони ту
زان که مدح صدر باشد زینت دیوان تو