Чу қосими псрзодаҳ ӣ Муртазо ( ъ )
چو قاسم پسرزاده ی مرتضی (ع)
Равони тани шоҳи дайни Муҷтабо ( ъ )
روان تن شاه دین مجتبی (ع)
Қасими ҷҳиму ҷинонро писар
قسیم جهیم و جنان را پسر
Аз он қосимаш ном карда падар
از آن قاسمش نام کرده پدر
Яке моҳрӯи наврас дил дунем
یکی ماهرو نورس دل دونیم
зи дарёии тавҳид дар ятем
ز دریای توحید در یتیم
Падар гар набӯдаш вале он писар
پدر گر نبودش ولی آن پسر
Падар буд бар одами бўолбшр
پدر بود بر آدم بوالبشر
Маровро бадии рӯзу шаби ғмгсор
مراو را بدی روز و شب غمگسار
Ба ҷои падар ъам волотбор
به جای پدر عم والاتبار
зи фарзанди некӯ турш доштӣ
ز فرزند نیکو ترش داشتی
Гиромӣ чу ҷон дар буриш доштӣ
گرامی چو جان در برش داشتی
Нҳштӣ ки бодӣ баров каҷи вазад
نهشتی که بادی براو کج وزد
Ҳамеи прўрондши чунон чун сазад
همی پروراندش چنان چون سزد
Ба нӯшин лабаши меҳри тбхолаҳ буд
به نوشین لبش مهر تبخاله بود
Маи чордаҳи сездаҳ сола буд
مه چارده سیزده ساله بود
Ҳанузаш ба маи норасидаи клФ
هنوزش به مه نارسیده کلف
Ба душмани шикорӣ чу шоҳи Наҷаф
به دشمن شکاری چو شاه نجف
Бадӣ дар ниёкон ӯ ҳар камол
بدی در نیاکان او هر کمال
Мар ӯро бидод эзади зулҷалол
مر او را بداد ایزد ذوالجلال
Набӣ ( с )гар бадии фари парвардгор
نبی (ص) گر بدی فر پروردگار
Азу буд фари набӣ ( с ) ошкор
ازو بود فر نبی(ص) آشکار
Алӣ буд агар шери шамшери ҳақ
علی بود اگر شیر شمشیر حق
Бдони номўўри бача ӣ шери ҳақ
بدآن ناموور بچه ی شیر حق
Батул ( ъ ) арбдии дрдрҷи расӯл ( с )
بتول (ع) اربدی دردرج رسول (ص)
Маров низ бади меҳри бурҷи батул ( ъ )
مراو نیز بد مهر برج بتول (ع)
Ҳасан ( ъ )гар шаҳаншоҳи озод буд
حسن (ع) گر شهنشاه آزاد بود
зи пушти ваии ин поки шҳзодаҳ буд
ز پشت وی این پاک شهزاده بود
Ҳусайн ар бадии қудрати кирдигор
حسین ار بدی قدرت کردگار
Азуи иқтидори ҳасан ( ъ ) ошкор
ازو اقتدار حسن (ع) آشکار
Ман хокӣу мадҳи он ҷони пок
من خاکی و مدح آن جان پاک
Куҷои олами ҷони куҷои мушти хок
کجا عالم جان کجا مشت خاک
Магар бахшадам худ забонӣ дигар
مگر بخشدم خود زبانی دگر
Ҷузи ин ҷисму ҷони ҷисми вҷонӣ дигар
جز این جسم و جان جسم وجانی دگر
Аё тозаи домоди гулгуни қабо
ایا تازه داماد گلگون قبا
Ки шуд сури ту мотами Муҷтабо ( ъ )
که شد سور تو ماتم مجتبی (ع)
Ту онӣ ки дар ҷон буд масканат
تو آنی که در جان بود مسکنت
Равони паямбар ( с ) буд дртнт
روان پیمبر (ص) بود درتنت
Чу дар пайкарати нӯк пайкон халид
چو در پیکرت نوک پیکان خلید
?илам бар равони паямбар ( с ) расед
الم بر روان پیمبر (ص) رسید
Ҳусайни он замони даст аз ҷон кашид
حسین آن زمان دست از جان کشید
Ки оғишта дар хӯни танати робдид
که آغشته در خون تنت رابدید
Кунун рози ронами зкрдори ту
کنون راز رانم زکردار تو
Ба хурдии далеронаи пайкори ту
به خردی دلیرانه پیکار تو