Пазира шитобид домод ро
پذیره شتابید داماد را
Бибинед ин сарви озод ро
ببینید این سرو آزاد را
Нигорин рухи оўрдмши зии арӯс
نگارین رخ آوردمش زی عروس
Бигӯед пеш оядаш бофусӯс
بگویید پیش آیدش بافسوس
Фишонд гулоб аз сиришкаш ба рӯй
فشاند گلاب از سرشکش به روی
Баради гардиш аз сунбули мшгбўӣ
برد گردش از سنبل مشگبوی
Тани хирад ӯ баҳри шӯии ҷавон
تن خرد او بهر شوی جوان
Чу оби бақо дар сиёҳии ниҳон
چو آب بقا در سیاهی نهان
Ҳасан ( ъ ) кӯка гиряд бадви зори зор
حسن (ع) کوکه گرید بدو زار زار
Чу бинад варои кушта дар корзор
چو بیند ورا کشته در کارزار
Аё ҳошимии дӯда ӣ номвар
ایا هاشمی دوده ی نامور
Бароред аз турбати поки сар
برآرید از تربت پاک سر
Бгриид бар кушта ӣ хештан
بگریید بر کشته ی خویشتن
Ки шуд зхти домодии аўкФн
که شد زخت دامادی اوکفن
зи пардаи сарои бонувони ҳиҷоз
ز پرده سرا بانوان حجاز
Ниҳоданд рухи сӯии оҳи куштаи боз
نهادند رخ سوی آه کشته باز
зи иксўии фархундаи ъмзодаҳ аш
ز یکسوی فرخنده عمزاده اش
зи иксўии аъмоми озода аш
ز یکسوی اعمام آزاده اش
Зану марди оли паямбари тамом
زن و مرد آل پیمبر تمام
Гирифтанд зорӣ бар он ташнаи ком
گرفتند زاری بر آن تشنه کام
Ба як раҳи ҳамаи бонувони бонаво
به یک ره همه بانوان بانوا
Бигуфтанд к-эии кушта ӣ нинаво
بگفتند کای کشته ی نینوا
Намонем бе ту дамии зиндаи шод
نمانیم بی تو دمی زنده شاد
Равад хок ҳастӣ ҷаҳонро ба бод
رود خاک هستی جهان را به باد
Ҷўоно чаро зор хуфтӣ чунин
جوانا چرا زار خفتی چنین
Яке дида бигушо ва ?бурма бибин
یکی دیده بگشا و برما ببین
Ки морои зи маргат чаҳ омад ба сар
که مارا ز مرگت چه آمد به سر
Занон мӯӣ кун кӯдакони мӯя гар
زنان موی کن کودکان مویه گر
Призоди сарпанҷа ӣ он савор ?
پریزاد سرپنجه ی آن سوار؟
Ки зад бар ту шамшер дар корзор ?
که زد بر تو شمشیر در کارزار؟
Ки чокат бад-инсон ба пайкар фиканд ?
که چاکت بدینسان به پیکر فکند؟
Ки кардат чунин поймоли саманд ?
که کردت چنین پایمال سمند؟
Ки аз хӯннигорат ба сари панҷаи баст ?
که از خون نگارت به سر پنجه بست؟
Ки аз наъли асби устихонати шикаст ?
که از نعل اسب استخوانت شکست؟
Дили модараши ногуҳ аз ғам ба ҷӯш
دل مادرش ناگه از غم به جوش
Даромад баровард аз дили хурӯш
درآمد برآورد از دل خروش
Ки эй шери хӯрдаи зи пистони ман
که ای شیر خورده ز پستان من
Фурӯзандаи шамъи шабистони ман
فروزنده شمع شبستان من
Мрони шери хӯрдаи гувороати бод
مرآن شیر خورده گوارات باد
Макони андари оғӯши заҳроти бод
مکان اندر آغوش زهرات باد
Ҳасан ( ъ ) чун ба маҳшар наад пои пеш
حسن (ع) چون به محشر نهد پای پیش
Зхўнт кунад сурхи рухсори хеш
زخونت کند سرخ رخسار خویش
Бидон хӯн билзанд суккони арш
بدان خون بلزند سکان عرش
Кунад ғозаи яздонаш бар чеҳри фарш
کند غازه یزدانش بر چهر فرش
Марои хуши зи хиҷлати раҳои сохтӣ
مرا خوش ز خجلت رها ساختی
Ки дар роҳи ҷонони фидои сохтӣ
که در راه جانان فدا ساختی
Ба хуррами биҳишти андарати сури бод
به خرم بهشت اندرت سور باد
Парастандаи ?ути рӯзу шаби ҳури бод
پرستنده ات روز و شب حور باد
Арӯси сияҳи рӯзи иксўи шитофт
عروس سیه روز یکسو شتافت
Вазони анҷуман рӯй фаррух битофт
وزان انجمن روی فرخ بتافت
Ба хайма дарун рафт ва бар рӯй хок
به خیمه درون رفت و بر روی خاک
Нишаст вабаи тан перҳан кард чок
نشست وبه تن پیرهن کرد چاک
Ҳаме гуфт оҳистаи к-эии ҷони ман
همی گفت آهسته کای جان من
Буруни шӯи пас аз марги ҷонони ман
برون شو پس از مرگ جانان من
Дило хӯни шӯу рези брдомнм
دلا خون شو و ریز بردامنم
Мубин эй ду бинанда ӣ равшанам
مبین ای دو بیننده ی روشنم
Ту шӯи сарнигӯн эй сипеҳри кабӯд
تو شو سرنگون ای سپهر کبود
Ба ман ин чунин ҷаври баҳр чаҳ буд
به من این چنین جور بهر چه بود
Ту эй биўФои ибн ъам дрнгр
تو ای بیوفا ابن عم درنگر
Сӯии ҷуфти ғмхўори осемаи сар
سوی جفت غمخوار آسیمه سر
Бибин аз ғами хештани зорӣ аш
ببین از غم خویشتن زاری اش
Ба рух аз ду бинандаи хўнборӣ аш
به رخ از دو بیننده خونباری اش
Чаҳ кардам ки бибаредӣ азбни тўмҳр
چه کردم که ببریدی ازبن تومهر
Наҳуфтӣ зи чашми терми хуби чеҳр
نهفتی ز چشم ترم خوب چهر
Бирафтӣ ва аз ғами марои сӯхтӣ
برفتی و از غم مرا سوختی
Чунин аҳди суст аз ки омухтӣ
چنین عهد سست از که آموختی
Хато гуфтам эй ёр чунон на Эй
خطا گفتم ای یار چونان نه ای
Ситами пешаи вссти паймон на Эй
ستم پیشه وسست پیمان نه ای
Ба сӯии миннат марг барбаст роҳ
به سوی منت مرگ بربست راه
Зхўн кард окандаи роҳи нигоҳ
زخون کرد آکنده راه نگاه
Бгрими барони ҷисми сад чоки ту
بگریم برآن جسم صد چاک تو
Барони мшкбўи мӯии пари хоки ту
برآن مشکبو موی پر خاک تو
Дариғо азон рӯй хуршеди гаван
دریغا ازآن روی خورشید گون
Ки бигирифт торикӣ аз хоки вхўн
که بگرفت تاریکی از خاک وخون
Дариғо нигаҳбону ғмхўори ман
دریغا نگهبان و غمخوار من
зи ошӯби гетии нигаҳдори ман
ز آشوب گیتی نگهدار من
Дариғо ки зини пас асирам кунанд
دریغا که زین پس اسیرم کنند
Ба банди бало дастгирам кунанд
به بند بلا دستگیرم کنند
Сабки дасти номаҳрами нобакор
سبک دست نامحرم نابکار
Буруни орад аз гӯши ман гӯшвор
برون آرد از گوش من گوشوار
Ба ту то бимонами бмўими ҳаме
به تو تا بمانم بمویم همی
Туро дар ду гетӣ биҷӯем ҳаме
تو را در دو گیتی بجویم همی
Ҷаҳон бе ту имрӯзи гӯр ман аст
جهان بی تو امروز گور من است
Ба дгири саро бо ту сур ман аст
به دگیر سرا با تو سور من است
Басӣ гуфт аз аинсон ва хомӯш шуд
بسی گفت از اینسان و خاموش شد
Ба хок андар афтод вбиҳўш шуд
به خاک اندر افتاد وبیهوش شد
Ҷаҳонои пас аз куштаи домоди шоҳ
جهانا پس از کشته داماد شاه
Нтобад дигар дртўи хуршеду моҳ
نتابد دگر درتو خورشید و ماه
На домодӣ ояд сӯ ӣ ҳиҷлаи боз
نه دامادی آید سو ی حجله باز
На шодони арӯсии хиромад ба ноз
نه شادان عروسی خرامد به ناز
На дасти нигорӣ нигорин шавад
نه دست نگاری نگارین شود
На бинандаи чашмии ҷаҳон байн шавад
نه بیننده چشمی جهان بین شود
Наёрам навиштан дигар эй шигифт
نیارم نوشتن دگر ای شگفت
Ба сарпанҷаам хома оташ гирифт
به سرپنجه ام خامه آتش گرفت
Дарафтоди оташ ба ҷонами ҳаме
درافتاد آتش به جانم همی
Забона кашид аз забонами ҳаме
زبانه کشید از زبانم همی
Чаҳ оташи бдоини костхўонми бсўи хат
چه آتش بداین کاستخوانم بسو خت
Дилу синау ҷисм ва ҷонам бсухт
دل و سینه و جسم و جانم بسوخت
Худоёи ту ин оташам тез кун
خدایا تو این آتشم تیز کن
Забони марои оташ ангез кун
زبان مرا آتش انگیز کن
Пас аз разми домоди хунини кафан
پس از رزم داماد خونین کفن
Сухан гӯям аз Аҳмади бен ҳасан ( ъ )
سخن گویم از احمد بن حسن (ع)