Чаҳ шҳзодаҳ ? рӯй хдорўӣ ӯ
چه شهزاده؟روی خداروی او
Каманди дили боби гесуӣ ӯ
کمند دل باب گیسوی او
Ту гуфтӣ ки дар паҳна ӣ корзор
تو گفتی که در پهنه ی کارزار
Фурӯд омад аз арши парвардгор
فرود آمد از عرش پروردگار
Ба лашгар битобед нураши зи давр
به لشگر بتابید نورش ز دور
Чу симои яздон ба синои тавр
چو سیمای یزدان به سینای طور
ЗФри фурӯзони Ӯшади замин
زفر فروزان اوشد زمین
Пар аз кибриёии расӯли амин
پر از کبریای رسول امین
Збозўӣ ӯ неруии кирдигор
زبازوی او نیروی کردگار
Аён буд чун дасти парвардгор
عیان بود چون دست پروردگار
Чу омад ба майдони Аннани дркшид
چو آمد به میدان عنان درکشید
Шуд аз қомат ӯ қиёмати падед
شد از قامت او قیامت پدید
Сипаҳ чун бидиданд он рӯй вмўӣ
سپه چون بدیدند آن روی وموی
Ҳамон қомату пайкари номҷўӣ
همان قامت و پیکر نامجوی
Бигуфтанд монои расӯл ( с )аст ин
بگفتند مانا رسول (ص) است این
Ки биниҳода русуии майдони кин
که بنهاده روسوی میدان کین
Пароканда шуд лашгар бе шумор
پراکنده شد لشگر بی شمار
Ки моро ба разми паямбар ( с ) чаҳ кор ?
که ما را به رزم پیمبر (ص) چه کار؟
Бигуфтанд бо ибни саъди он сипоҳ
بگفتند با ابن سعد آن سپاه
Ки азмо дигар ҷанг кардан махоҳ
که ازما دگر جنگ کردن مخواه
Ндонӣ ки дар размгоҳ омада аст
ندانی که در رزمگاه آمده است
Паямбар ( с ) ба ҷанги сипоҳ омада аст
پیمبر (ص) به جنگ سپاه آمده است
Ҳамоно чу танҳоӣ пӯр дид
همانا چو تنهایی پور دید
зи минӯи паии ёрӣ ӯ чамед
ز مینو پی یاری او چمید
Нҷўиими мобои паямбар ( с ) ситез
نجوییم مابا پیمبر (ص) ستیز
Бирезад агар хӯнмони теғи тез
بریزد اگر خونمان تیغ تیز
Бигуфт он бади андеш кин номдор
بگفت آن بد اندیش کاین نامدار
Ки рӯ карда зии паҳна ӣ корзор
که رو کرده زی پهنه ی کارزار
Паямбар ( с ) на пўршаҳ нинавост
پیمبر (ص) نه پورشه نینواست
Саропои шабиҳи расӯл ( с ) худост
سراپا شبیه رسول (ص) خداست
Ба бобаши чунон кор гардӣда танг
به بابش چنان کار گردیده تنگ
Ки ӯро равон карда азбҳри ҷанг
که او را روان کرده ازبهر جنگ
Бигирӣд гардиши дарини корзор
بگیرید گردش دراین کارزار
Падарро ба доғаш нишонед зор
پدر را به داغش نشانید زار
Вази он сӯии шҳзодаҳи барзади хурӯш
وز آن سوی شهزاده برزد خروش
Ки эй бади сголони торики ҳуш
که ای بد سگالان تاریک هوش
Бигӯям киам ман алии Акбарам ( ъ )
بگویم که ام من علی اکبرم (ع)
Ба дидори вболо чу пайғамбарам ( с )
به دیدار وبالا چو پیغمبرم (ص)
Ҷавони ҳусайнами равони ҳасан ( ъ )
جوان حسینم روان حسن (ع)
Набии ҷади взҳрои бўдмоми ман
نبی جد وزهرا بودمام من
Ба дидори моҳи ҷавонони манам
به دیدار ماه جوانان منم
Равони алии хуфта дар ҷавшанам
روان علی خفته در جوشنم
Манам баҳри тавҳиду ғарқи висол
منم بحر توحید و غرق وصال
Аз он ёфтам ин ҷалолу ҷамол
از آن یافتم این جلال و جمال
Манам онкии хокам ба мардии сиришт
منم آنکه خاکم به مردی سرشت
Далерӣ чу ман пои брзини биҳишт
دلیری چو من پای برزین بهشت
Занами теғ дар ёрии боби хеш
زنم تیغ در یاری باب خویش
Натарсам азин лашгари куфри кеш
نترسم ازین لشگر کفر کیش
Бидон хонаи кони ҷой файз худост
بدان خانه کان جای فیض خداست
Ки ҷои паямбар ( с ) сазовори мост
که جای پیمبر (ص) سزاوار ماست
Ба яздон ки пўрзни зшткор
به یزدان که پورزن زشتکار
Нахоҳад ба мо гашти Фрмонгзор
نخواهد به ما گشت فرمانگذار
Агрҳсти мардии даройад ба ҷанг
اگرهست مردی درآید به جنگ
Бибинад змни ҳайдарии теғу чанг
ببیند زمن حیدری تیغ و چنگ
Ба майдони фарзанди дилбанди шоҳ
به میدان فرزند دلبند شاه
Наомад яке мард аз он сипоҳ
نیامد یکی مرد از آن سپاه
Чу ин дид нўбоўаҳ ӣ Бутуроб
چو این دید نوباوه ی بوتراب
БиФшрди пои ялӣ дар рикоб
بیفشرد پای یلی در رکاب