Дар омад аз дар ман дӯши масти хобу хаёл

در آمد از در من دوش مست خواب و خیال

Нигор маҳвашами ошуфтаи зулфу шефтаи ҳол

نگار مهوشم آشفته زلف و شیفته حال

Намӯд дида ӣ идрокро фурӯғи Рахш

نمود دیده ی ادراک را فروغ رخش

Ки шоҳ анҷум хӯбӣаст бар сипеҳри ҷамол

که شاه انجم خوبیست بر سپهر جمال

зи гардани сари зулфи вази гӯша ӣ лаби лаъл

ز گردن سر زلف وز گوشه ی لب لعل

Ҳазор хӯни ҳаром ва ҳазор саҳари ҳалол

هزار خون حرام و هزار سحر حلال

Баҳақи сипедаи дами дилбаряши хостаи боҷ

بحق سپیده دم دلبریش خواسته باج

зи рӯзи давлату рӯзи шабобу рӯзи висол

ز روز دولت و روز شباب و روز وصال

зи таънҳои тавваҷуҳи таровати саманаш

ز طعنهای توجه طراوت سمنش

Бимонад хираи хирад дар сафои оби зулол

بماند خیره خرد در صفای آب زلال

зи ним доира ва ним нуқта карда падед

ز نیم دایره و نیم نقطه کرده پدید

Муҳӣти маркази тоби нуҷуму оби зулол

محیط مرکز تاب نجوم و آب زلال

Дуруст гашта ббрҳони ҳасанаш ар , чаҳ буд

درست گشته ببرهان حسنش ار، چه بود

Муҳӣти марказ аз ин сони ботФоқи маҳол

محیط مرکز از این سان باتفاق محال

Чу зулфи пари хами мишкӣнаш , беқарор шудам

چو زلف پر خم مشکینش، بی قرار شدم

зи бскаҳи шефтаи гаштам чу дидам он хату хол

ز بسکه شیفته گشتم چو دیدم آن خط و خال

Куҷо қарор бимонад маро , чу дилбари ман

کجا قرار بماند مرا، چو دلبر من

Бадасти ҷунбиши аҷрому гардиши аҳвол

بدست جنبش اجرام و گردش احوال

Занад зи машки сияҳи шакли Зуҳра бар рухи моҳ

زند ز مشک سیه شکل زهره بر رخ ماه

Кашад зи ғошия бар тарафи офтоби ҳилол

کشد ز غاشیه بر طرف آفتاب هلال

Бтънаҳ гуфт : ки эй дар вафо чу моҳи сипеҳр

بطعنه گفت: که ای در وفا چو ماه سپهر

Ки ҳар ду рӯз бигирад зи дилбаряти малол

که هر دو روز بگیرد ز دلبریت ملال

Чаҳ ҳолатаст ки бар зинати иқомати ту

چه حالتست که بر زینت اقامت تو

Азимати ҳаракатро ҳаҷаст ва нест маҷол

عزیمت حرکت را حج است و نیست مجال

Маро ки гӯямат эй офтоби толеъи ман

مرا که گویمت ای آفتاب طالع من

Манеҳ зи авҷи шараф рӯй дар ҳубуту вабол

منه ز اوج شرف روی در هبوط و وبال

Рахт ҳануз нафарсӯда аз сипеҳри дағо

رخت هنوز نفرسوده از سپهر دغا

Ҷаноби каъбаи таъзиму қибла ӣ иқбол

جناب کعبه تعظیم و قبله ی اقبال

Лабат ҳануз набӯсида осмони сано

لبت هنوز نبوسیده آسمان ثنا

Замини ҳазрати дайнпарвар сутӯдаи хисол

زمین حضرت دین پرور ستوده خصال

Хдоигони аФосли ҷаҳони ҷони улӯм

خدایگان افاصل جهان جان علوم

Сипеҳри меҳри ҳақоиқ , муҳӣти кули камол

سپهر مهر حقایق، محیط کل کمال

Эмоми аъзами ислом , ъзи давлату дайн

امام اعظم اسلام، عز دولت و دین

Ки собиқаст Аёдяш бар сдоءу суол

که سابق است ایادیش بر صداء و سئوال

Равони донишу таркиби фазлу олами илм

روان دانش و ترکیب فضل و عالم علم

Вуҷӯди ҷӯаду саҳоби сахо ва баҳр навол

وجود جود و سحاب سخا و بحر نوال

Ҳам эҳтишоми фазоъили ҳам иҳтимоми мулӯк

هم احتشام فضائل هم اهتمام ملوک

Ҳам офтоби маъонии ҳам осмони ҷалол

هم آفتاب معانی هم آسمان جلال

Маъонии сувари ақлу ҷон ба истеҳқоқ

معانی صور عقل و جان به استحقاق

Мудаббири фалаку малику дайн ба истиқлол

مدبّر فلک و ملک و دین به استقلال

Ҷаҳони сарой амон гардад , ар маҷол диҳад

جهان سرای امان گردد، ار مجال دهد

Шикваи ҳазраташ ӯро бързи сӯрату ҳол

شکوه حضرتش او را بعرض صورت و حال

Фасоди бугсалад аз куни олам ар фиканд

فساد بگسلد از کون عالم ار فکند

эй ъотФш бар сипеҳри соя ӣ бол

همای عاطفش بر سپهر سایه ی بال

Улувва мартабати садри шаръ парвар ӯст

علو مرتبت صدر شرع پرور اوست

Ки ҳаст зўраҳ ӣ чархи бринши сафи тъол

که هست ذوره ی چرخ برینش صف تعال

Фурӯди поя ӣ айвони соя густар ӯст

فرود پایه ی ایوان سایه گستر اوست

Ки бартараст зи идроку ваҳму ақлу хаёл

که برتر است ز ادراک و وهم و عقل و خیال

Аё расидаи бҷоӣӣ ки нӯки хомаи тест

ایا رسیده بجائی که نوک خامه تست

Калиди махзани тавфиқи эзади мутаъол

کلید مخزن توفیق ایزد متعال

Тўӣӣ ки зоти турои чашм рӯзгор надид

توئی که ذات ترا چشم روزگار ندید

Бҳичўҷаҳи назиру бҳич рӯй ҳам?ил

بهیچوجه نظیر و بهیچ روی همال

Фурӯғи анҷуми мишкӣни ниқоби саҳари намот

فروغ انجم مشکین نقاب سحر نمات

Бар осмони улӯм аз масири суръати бол

بر آسمان علوم از مسیر سرعت بال

Чу , сояи афканд , аз даҳшаташ , сазад ки шаванд ,

چو، سایه افکند، از دهشتش، سزد که شوند،

Уқули оҷизу идроки асиру нотиқаи лол

عقول عاجز و ادراک اسیر و ناطقه لال

Насими лутфи ту ,гар ҳеҷ бар замонаи вазад

نسیم لطف تو، گر هیچ بر زمانه وزد

Ҷаҳони бдўлти хосияташ дар истеъмол

جهان بدولت خاصیتش در استعمال

Нишони ҷинат аълоъ диҳад зи файзи рабиъ

نشان جنت اعلاء دهد ز فیض ربیع

Баёни мӯъҷиз исо кунад зи боди шимол

بیان معجز عیسی کند ز باد شمال

Сумуми қаҳри тугар сӯии баҳр ва кон гузарад

سموم قهر تو گر سوی بحر و کان گذرد

Касе наёяд аз эшон магари барин минвол

کسی نیاید از ایشان مگر برین منوال

Биҷои лؤлؤи хуноба , аз даҳони садаф

بجای لؤلؤ خونابه، از دهان صدف

Биҷои гавҳари хокистар , аз урӯқи ҷибол

بجای گوهر خاکستر، از عروق جبال

Паноҳат , он кнФи давлат вале парвар

پناهت، آن کنف دولت ولی پرور

Ҷанобат , он фалаки рифъати мухолифи мол

جنابت، آن فلک رفعت مخالف مال

Диҳад бҳкми ту кӯраст рӯзгори туфайл

دهد بحکم تو کور است روزگار طفیل

Кунад бсдри ту кӯраст коиноти аёл

کند بصدر تو کور است کائنات عیال

Нишони сӯрати тақдиру маънии таъзим

نشان صورت تقدیر و معنی تعظیم

Баёни қибла ӣ иқболу каъбаи омол

بیان قبله ی اقبال و کعبه آمال

БлФзи ҷавҳари оби ҳаёти мадҳати ту

بلفظ جوهر آب حیات مدحت تو

Ки рӯз равшан ҷоҳасту субҳи содиқи мол

که روز روشن جاهست و صبح صادق مال

Ки то мдиҳи ту аншоء ҳаме кунад , набӯд

که تا مدیح تو انشاء همی کند، نبود

Бензади модҳи ту чархро маҷоли мақол

بنزد مادح تو چرخ را مجال مقال

Арӯси табъи ман андари ҳарими назми саноат

عروس طبع من اندر حریم نظم ثنات

Аз онкии рӯҳ нажод омадаст вуҷӯди мисол

از آنکه روح نژاد آمدست وجود مثال

Гуҳӣ дар оташи хотири намояди оби замир

گهی در آتش خاطر نماید آب ضمیر

Гуҳӣ ба оби маъонӣ дар орад оташ на?ил

گهی به آب معانی در آرد آتش نال

Ҳамеша то буд андари забони мардуми даҳр

همیشه تا بود اندر زبان مردم دهر

Ҳадиси ҳотами тоӣӣу номи рустами зол

حدیث حاتم طائی و نام رستم زال

Туроу хасми турои боди лозими шабу рӯз

ترا و خصم ترا باد لازم شب و روز

Бақоу сиҳҳату давлат , балоу нанг ва накол

بقا و صحت و دولت، بلا و ننگ و نکال

Мабод ҳишмати боқӣатро заволу фано

مباد حشمت باقیت را زوال و فنا

Мабод давлати олӣатро фаноу завол

مباد دولت عالیت را فنا و زوال

Ки як атои ту сад ҳотамаст вақти сахо

که یک عطای تو صد حاتمست وقت سخا

Ки як паёми ту сад рустамаст вақти қаттол

که یک پیام تو صد رستمست وقت قتال

зи лутфу унфи ту , нақли омадаи Наиму ҳаҷем

ز لطف و عنف تو، نقل آمده نعیم و حجیم

зи амр ва наҳй ту содир шудаи савобу вабол

ز امر و نهی تو صادر شده ثواب و وبال

БФоли саъди ғурури ҷаҳону саъди сипеҳр

بفال سعد غرور جهان و سعد سپهر

Гирифтаи дмбдм аз хоки остони ту фол

گرفته دمبدم از خاک آستان تو فال