Тараб , эй дил , ки навбаҳор омад

طرب، ای دل، که نوبهار آمد

Аз сабои буии зулф ёр омад

از صبا بوی زلف یار آمد

Ҳони назора ки гул ҷамол намӯд

هان نظاره که گل جمال نمود

Ҳин тамошо ки навбаҳор омад

هین تماشا که نوبهار آمد

Дар рух ӯ ҷамол ёр бибин

در رخ او جمال یار ببین

Ки гул аз ёр ёдгор омад

که گل از یار، یادگار آمد

Ба тамошои боғу бустони шӯ

به تماشای باغ و بستان شو

Ки чамани хулд ошкор омад

که چمن، خُلدِ آشکار آمد

Аз сабои ҳоли кӯй ёр бипурс

از صبا حال کوی یار بپرس

Ки саҳаргоҳ аз он диёр омад

که سحرگاه از آن دیار آمد

Бар дар ёри мо гузашти насим

بر در یار ما گذشت نسیم

Зон гули афшон ва мшкбор омад

زان گل‌افشان و مُشکبار آمد

То сабо зон чамани гул афшон шуд

تا صبا زان چمن گل‌افشان شد

Чун ман аз заъф беқарор омад

چون من از ضعف، بی‌قرار آمد

Дид чун андалеби заъфи насим

دید چون عندلیب ضعف نسیم

Ба иёдат ба марғзор омад

به عیادت به مرغزار آمد

Гули сӯии фохта ишорат кард :

گل سوی فاخته اشارت کرد:

Ҳин навое ки вақт кор омад

هین نوایی که وقت کار آمد

Булбул аз шавқи гул чунон нолид

بلبل از شوقِ گل چنان نالید

Ки гул аз ваҷд ҷон сипор омад

که گل از وجد، جان‌سپار آمد

Ҳои ва ҳўӣ фитод дар гулзор

های و هوی فتاد در گلزار

Нолаи ошиқон зор омад

نالهٔ عاشقانِ زار آمد

Гули магар ҷилва мекунад дар боғ ?

گل مگر جلوه می‌کند در باغ؟

Каз чамани нола ҳазор омад

کز چمن نالهٔ هزار آمد

Зарфишон мекунад гули сад барг

زرفشان می‌کند گل صد برگ

Каши сабои дӯш дар канор омад

کش صبا دوش در کنار آمد

Гули зарафшон агар кунад чаҳ аҷаб ?

گل زرافشان اگر کند چه عجب؟

Каз шимолаши басӣ ясор омад

کز شمالش بسی یسار آمد

Гул зар ифшоанду зи абр бар сар ӯ

گل زر افشانْد و ز ابر بر سر او

Сад ҳазорон гуҳар нисор омад

صد هزاران گهر نثار آمد

Ғунча аз банд ӯ нашуд озод

غنچه از بند او نشد آزاد

Зон гирифтори захм хор омад

زان گرفتار زخم خار آمد

Хор каз ғунчаи кӣсае бар дӯхт

خار کز غنچه کیسه‌ای بر دوخت

Май знндш ки моя дор омад

می زنندش که مایه‌دار آمد

Нест озодае магари сӯсан

نیست آزاده‌ای مگر سوسن

Ки на дар банди кор ва бор омад

که نه در بند کار و بار آمد

Лоларо дил бсухт бар наргис

لاله را دل بسوخت بر نرگس

Ки насибаши з мехумор омад

که نصیبش ز می، خمار آمد

Абр бигирист бар гул , аз паии онк

ابر بگریست بر گل از پی آنک

Зини ҷаҳон бар дилаш ғубор омад

زین جهان بر دلش غبار آمد

Шуд зи ёрии ҷудои бунафшаи магар

شد ز یاری جدا بنفشه مگر

Ки чунин вақт сўкўор омад

که چنین وقت، سوکوار آمد

Ҷомаи сўк бар бунафша бурид

جامهٔ سوک بر بنفشه بَرید

Зон магари лолаи дил фигор омад

زان مگر لاله دل‌فگار آمد

Нақши ранги чамани зи лутфи баҳор

نقش رنگ چمن ز لطف بهار

Нақши дебоӣ пурнигор омад

نقش دیبای پرنگار آمد

Хуш баҳорӣаст , лек он кас ро

خوش بهاری است، لیک آن کس را

Каз лаб ёр мегусор омад

کز لب یار، میگسار آمد

Ҳон , ироқӣ , туу насими баҳор

هان، عراقی، تو و نسیم بهار

Каз сабои буии зулф ёр омад

کز صبا بوی زلف یار آمد