Ҳар ки дар банди зулфи ёр буд

هرکه در بند زلف یار بود

Дар ҷаҳонаши куҷои қарор буд ?

در جهانش کجا قرار بود؟

Вонкаҳ чӣанд гулии зи боғи Рахш

وانکه چیند گلی ز باغ رخش

Дар дилаши бас ки хори хор буд

در دلش بس که خار خار بود

Вонкаҳи ёд лабаш кунад рӯзӣ

وانکه یاد لبش کند روزی

То қиёмат дар он хумор буд

تا قیامت در آن خمار بود

Корҳое ки чашм ёр кунад

کارهایی که چشم یار کند

На зёрии рӯзгор буд

نه ز یاری روزگار بود

Фитнаҳоӣ ки зулфаши ангезад

فتنه‌هایی که زلفش انگیزد

Ҳамаи худ нақши оннигор буд

همه خود نقش آن نگار بود

Аз фалаки онкӣ ҳар шабии шинавӣ

از فلک آنکه هر شبی شنوی

Нолаи бедилони зор буд

نالهٔ بیدلان زار بود

Нафаси оқашон ӯ бошад

نفس عاقشان او باشد

Он казу чархро мадор буд

آن کزو چرخ را مدار بود

Як шабӣ бо хаёл ӯ гуфтам :

یک شبی با خیال او گفتم:

Чанд мискин дар интизор буд ?

چند مسکین در انتظار بود؟

Рӯй бинмо , ки ҷон нисор кунам

روی بنما، که جان نثار کنم

Гуфт : ҷонро чаҳ эътибор буд ?

گفت: جان را چه اعتبار بود؟

То ту дар банди хештани Монӣ

تا تو در بند خویشتن مانی

Кӣ туро назд дӯсти бор буд ?

کی تو را نزد دوست بار بود؟

Набӯд ошиқ онкӣ ҷӯяд ком

نبود عاشق آنکه جوید کام

Ишқро бо ғараз чаҳ кор буд ?

عشق را با غرض چه کار بود؟

Ошиқ онаст кӯ нахоҳад ҳеҷ

عاشق آن است کو نخواهد هیچ

Вари ҳамаи худ висоли ёр буд

ور همه خود وصال یار بود

эй ироқӣ , ту ихтиёр макун

ای عراقی، تو اختیار مکن

Конкаҳ ба буд ихтиёр буд

کانکه به بود اختیار بود