зи хоб , наргиси масти ту сар гарон бархест

ز خواب، نرگس مست تو سر گران برخاست

Хурӯшу валвала аз ҷон ошиқон бархест

خروش و ولوله از جان عاشقان برخاست

Чаҳ саҳар кард надонам ду чашми ҷодӯии ту ?

چه سحر کرد ندانم دو چشم جادوی تو؟

Ки аз нзоргёни нола ва фиғон бархест

که از نظارگیان ناله و فغان برخاست

Ба тири ғамза , азин беш , хӯни халқи марез

به تیر غمزه، ازین بیش، خون خلق مریز

Ки растхез ба якбора аз ҷаҳон бархест

که رستخیز به یکباره از جهان برخاست

Бад-ӣни сифат ки ту оғоз кардае хўнриз

بدین صفت که تو آغاز کرده‌ای خونریز

Чаҳ сайл хоҳад азин тира хокдон бархест !

چه سیل خواهد ازین تیره خاکدان برخاست!

Биёу оби рух аз ташнагони дареғи мадор

بیا و آب رخ از تشنگان دریغ مدار

Тариқи мардумии охир на аз ҷаҳон бархест ?

طریق مردمی آخر نه از جهان برخاست؟

Чунин ки ман зи фироқи ту бар сар омада ам

چنین که من ز فراق تو بر سر آمده‌ام

Гарми ту даст нагирӣ куҷо тавон бархест ?

گرم تو دست نگیری کجا توان برخاست؟

Ту дар канори ман о , то ман аз миён биравам

تو در کنار من آ، تا من از میان بروم

Ки ҳар куҷо ки барояд яқин гумон бархест

که هر کجا که برآید یقین گمان برخاست

Ба буии онкӣ ба домони ту дроўизд

به بوی آنکه به دامان تو درآویزد

Дили ман аз сари ҷон остин фишон бархест

دل من از سر جان آستین‌فشان برخاست

Ироқӣ аз дилу ҷони он замон умед бурид

عراقی از دل و جان آن زمان امید برید

Ки чашми масти ту аз хоб саргарон бархест

که چشم مست تو از خواب سرگران برخاست

Хониш
ғзл шморҳ 19 — сҳӣл қосмӣ