Моно дамид буии гулистони субҳи гоҳ

مانا دمید بوی گلستان صبح گاه

Коўоз дод мурғи хуши алҳони субҳгоҳ

کاواز داد مرغ خوش‌الحان صبحگاه

Хуши нағма Эйаст нағмаи мурғони субҳи дам

خوش نغمه‌ای است نغمهٔ مرغان صبح دم

Хуши наъра Эйаст наъраи мисатони субҳгоҳ

خوش نعره‌ای است نعرهٔ مستان صبحگاه

Вақте хушасту мурғи дил ар нағма Эй занад

وقتی خوش است و مرغ دل ار نغمه‌ای زند

Зебад , ки боз шуд дар бустони субҳгоҳ

زیبد، که باز شد در بستان صبحگاه

Аз сад насими гулшани фирдавс хуштар аст

از صد نسیم گلشن فردوس خوشتر است

Бодӣ ки май вазади зи гулистони субҳгоҳ

بادی که می‌وزد ز گلستان صبحگاه

Дар хулд ҳарчӣ насяи туро ваъда дода анд

در خلد هرچه نسیه تو را وعده داده‌اند

Нақдаст ин дами онҳама бар хон субҳгоҳ

نقد است این دم آنهمه بر خوان صبحگاه

Хуш маҷлисӣаст : дарди надиму дареғи ёр

خوش مجلسی است: درد ندیم و دریغ یار

Ғами мизбон ва мо ҳамаи меҳмони субҳгоҳ

غم میزبان و ما همه مهمان صبحگاه

Ҷоно , бихӯр сози дарин базм , то магар

جانا، بخور ساز درین بزم، تا مگر

Хушбӯ нашуд насими гулистони субҳгоҳ

خوشبو نشد نسیم گلستان صبحگاه

То зи оташи фироқи дил ошиқӣ насӯхт

تا ز آتش فراق دل عاشقی نسوخت

Хушбӯ кунад бихӯр ту айвони субҳгоҳ

خوشبو کند بخور تو ایوان صبحگاه

Хоҳӣ чу субҳи сари зи гиребони бароварӣ

خواهی چو صبح سر ز گریبان برآوری

Кӯтаҳ макун ду дасти зи домони субҳгоҳ

کوته مکن دو دست ز دامان صبحگاه

Бошад ки қалби носараи ту сира шавад

باشد که قلب ناسرهٔ تو سره شود

Май санҷи нақди хеш ба мизони субҳгоҳ

می‌سنج نقد خویش به میزان صبحگاه

Домони субҳи гир , магар сар баровард

دامان صبح گیر، مگر سر برآورد

Субҳи умеди ту зи гиребони субҳгоҳ

صبح امید تو ز گریبان صبحگاه

Чун донае , дили ту ки чун ҷўзи ғам шуда аст

چون دانه‌ای، دل تو که چون جوز غم شده است

Андоз пеши мурғи хуши алҳони субҳгоҳ

انداز پیش مرغ خوش الحان صبحگاه

Шаб хуфта монад бахти ироқӣ , аз он сабаб

شب خفته ماند بخت عراقی، از آن سبب

Маҳрӯм шуд зи рӯҳи фаровони субҳгоҳ

محروم شد ز روح فراوان صبحگاه