Бад-ӣни забони сифати ҳасан ёр натавон кард

بدین زبان صفت حسن یار نتوان کرد

Ба туъмаи пашшаи анқо шикор натавон кард

به طعمهٔ پشه عنقا شکار نتوان کرد

Ба гуфтугӯи сухани ишқ дӯст натавон гуфт

به گفتگو سخن عشق دوست نتوان گفت

Ба ҷусту ҷӯи талаби васл ёр натавон кард

به جست و جو طلب وصل یار نتوان کرد

Бидон мхсб ки дар хоб рӯй ӯ бинӣ

بدان مخسب که در خواب روی او بینی

Хаёл ӯ буд он , эътибор натавон кард

خیال او بود آن، اعتبار نتوان کرد

Ду чашми ту , худ агар ошиқӣ , пари об буд

دو چشم تو، خود اگر عاشقی، پر آب بود

Бар оби нақши латиф нигор натавон кард

بر آب نقش لطیف نگار نتوان کرد

Ба чашм ӯ рух ӯ байн , ба дидаи хафоаш

به چشم او رخ او بین، به دیدهٔ خفاش

Ба офтоби назар ошкор натавон кард

به آفتاب نظر آشکار نتوان کرد

Ба чашми наргиси кӯтаҳи назар ба вақти баҳор

به چشم نرگس کوته‌نظر به وقت بهار

Назораи чаману лола зор натавон кард

نظارهٔ چمن و لاله‌زار نتوان کرد

Шудам ки бӯсаи занам бар дараш адаби гуфто

شدم که بوسه زنم بر درش ادب گفتا

Ба бӯсаи хок дар ёр хор натавон кард

به بوسه خاک در یار خوار نتوان کرد

Ба ним ҷон ки ту дорӣ ва як нафас ки ту рост

به نیم جان که تو داری و یک نفس که تو راست

Ҳадиси пешкашаш зинҳор натавон кард

حدیث پیشکشش زینهار نتوان کرد

Чаҳ ба ки пеши сегон дараш фишонӣ ҷон

چه به که پیش سگان درش فشانی جان

Ки ин матоъ бар он рух нисор натавон кард

که این متاع بر آن رخ نثار نتوان کرد

Бало ба пеши хаёлаши шабӣ ҳаме гуфтам

بلا به پیش خیالش شبی همی گفتم

Ки : душмании ҳама бо дӯстдор натавон кард

که : دشمنی همه با دوستدار نتوان کرد

Бигӯӣ то накунад зулфи ту парешоне

بگوی تا نکند زلف تو پریشانی

Ки беш азин дили мо беқарор натавон кард

که بیش ازین دل ما بی‌قرار نتوان کرد

Ба теғи ғамзаи хӯни хор , ҷони маҷрӯҳам

به تیغ غمزهٔ خون خوار، جان مجروحم

Ҳазор бор , ба рӯзӣ фигор натавон кард

هزار بار، به روزی فگار نتوان کرد

Дилӣ ки бо ғами ишқи ту дар миён омад

دلی که با غم عشق تو در میان آمد

Баҳри гунаҳи зи канораш канор натавон кард

بهر گنه ز کنارش کنار نتوان کرد

Бидон ки номи висоли ту май барам рӯзӣ

بدان که نام وصال تو می‌برم روزی

Ба дасти ҳиҷри маро ҷон сипор натавон кард

به دست هجر مرا جان سپار نتوان کرد

Ҷавоб дод хаёлаш ки , бо сулаймонӣ

جواب داد خیالش که، با سلیمانی

Барои мӯрчае корзор натавон кард

برای مورچه‌ای کارزار نتوان کرد

Миёни ҳиҷру висолаш ,гар ихтиёр диҳанд

میان هجر و وصالش، گر اختیار دهند

з ҳар ду ҳеҷ яке ихтиёр натавон кард

ز هر دو هیچ یکی اختیار نتوان کرد

Румузи ишқ , ироқӣ , магӯ чунин равшан

رموز عشق، عراقی، مگو چنین روشن

Ки рози хеши чунин ошкор натавон кард

که راز خویش چنین آشکار نتوان کرد