Ғуломи ҳалқа ба гӯши ту зор боз омад

غلام حلقه به گوش تو زار باز آمد

Хушӣ дарав бингар , каз раҳ дароз омад

خوشی درو بنگر، کز ره دراز آمد

Ба лутф , кори дили мустаманд хаста бисоз

به لطف، کار دل مستمند خسته بساز

Ки хастагонро лутфи ту дар кор , соз омад

که خستگان را لطف تو در کار، ساز آمد

Чаҳ бошад ар бинавозӣ ниёзмандиро ?

چه باشد ار بنوازی نیازمندی را؟

Ки бо хаёли рахти дам ба дам ба роз омад

که با خیال رخت دم به دم به راز آمد

Чаҳ кардаам ки зи даргоҳи васли ҷон афзо

چه کرده‌ام که ز درگاه وصل جان افزا

Насиби хастаи дилами ҳиҷр ҷонгдоз омад ?

نصیب خسته دلم هجر جانگداز آمد؟

Бар остон дарат садҳазор дил дидам

بر آستان درت صدهزار دل دیدم

Магар ки хоки сари кӯат длнўоз омад ?

مگر که خاک سر کوت دلنواز آمد؟

Ғубори хок дарат бар сар касе ки нишаст

غبار خاک درت بر سر کسی که نشست

зи сарварони ҷаҳони гашт ва сарфароз омад

ز سروران جهان گشت و سرفراز آمد

Ба ҳар тараф ки шудам то ки шод биншинам

به هر طرف که شدم تا که شاد بنشینم

Ғами ту пеши дили ман ду асба боз омад

غم تو پیش دل من دو اسبه باز آمد

Ба рӯй хуррами ту шодмон нашуд афсӯс !

به روی خرم تو شادمان نشد افسوس!

Дили ироқӣ аз он дам ки ъшқбоз омад

دل عراقی از آن دم که عشقباز آمد