Авоили гул сурхаст ва интиҳои баҳор

اوایل گل سرخ است و انتهای بهار

Нишастаам сари сангии канори як девор

نشسته‌ام سر سنگی کنار یک دیوار

Ҷавори дарраи дарбанду домани кҳсор

جوار درهٔ دربند و دامن کهسار

Фазои шимурони андаки зи қурби мағриби тор

فضای شمران اندک ز قرب مغرب تار

Ҳануз бади асари рӯз , бар фароз « ивӣн »

هنوز بد اثر روز، بر فراز «اوین»

Намӯда дар пас ки офтоби тозаи ғуруб

نموده در پس که آفتاب تازه غروب

Саводи шаҳри Рай аз давр нест пайдои хуб

سواد شهرری از دور نیست پیدا خوب

Ҷаҳон на рӯз буд дар шимур на шаби маҳсӯб

جهان نه روز بود در شمر نه شب محسوب

Шафақи зи сурхии нимяш байрақи ошӯб

شفق ز سرخی نیمیش بیرق آشوب

Сипас зи зардии нимяш , пардаи заррин

سپس ز زردی نیمیش، پردهٔ زرین

Чу офтоби пас кӯҳсор , пинҳон шуд

چو آفتاب پس کوهسار، پنهان شد

зи шарқ аз пас ашҷор , ма намоён шуд

ز شرق از پس اشجار، مه نمایان شد

Ҳануз шаб нашуда , осмон чироғон шуд

هنوز شب نشده، آسمان چراغان شد

Ҷаҳони зи партави маҳтоб нўрборон шуд

جهان ز پرتو مهتاب نورباران شد

Чу наварӯс , сФидоб кард рӯй замин

چو نوعروس، سفیداب کرد روی زمین

Агарчӣ қоидатан , шаб сиёҳӣаст падед

اگرچه قاعدتا، شب سیاهی است پدید

Хилофи ҳршбаҳ , имшаб дигар шабии сети сипед

خلافِ هرشبه، امشب دگر شبی‌ست سپید

Шумо ба ҳарчӣ ки хубаст , моҳ ме гуед

شما به هرچه که خوب است، ماه می‌گویید

Биё ки имшаб , моҳасту даҳр , ранги умед

بیا که امشب، ماه است و دهر، رنگ امید

Ба худ гирифта ҳамоно дар ин шаби симин

به خود گرفته همانا در این شب سیمین

Ҷаҳони сипедтар аз фикрҳои ирфонии сет

جهان سپیدتر از فکرهای عرفانی‌ست

Рафиқи рӯҳи ман , он ишқҳои пинҳонии сет

رفیق روح من، آن عشق‌های پنهانی‌ست

Даруни мағзам аз афкори хуш , чароғонеи сет

درون مغزم از افکار خوش، چراغانی‌ست

Чаро ки дар шаби ма , фикр низ нӯронии сет

چرا که در شب مه، فکر نیز نورانی‌ست

Чунонкии дили шаби торик тираасту ҳазин

چنانکه دل شب تاریک تیره است و حزین

Нишастаам ба баландӣу пеши чашмами боз

نشسته‌ام به بلندی و پیش چشمم باز

Ба ҳар куҷо ки кунад чашми кор , чашм андоз

به هر کجا که کند چشم کار، چشم‌انداز

Фитода бар сари ман фикрҳои давру дароз

فتاده بر سر من فکرهای دور و دراز

Бар он серум ки кунам сӯии осмони парвоз

بر آن سرم که کنم سوی آسمان پرواز

Фиғон ки даҳр ба ман пар надода чун шоҳин

فغان که دهر به من پر نداده چون شاهین

Фиканда нури ма аз лобаи лои шохаи бед

فکنده نور مه از لابه‌لای شاخهٔ بید

Ба ҷӯйбору чаманзори холҳои сифед

به جویبار و چمنزار خال‌های سفید

Ба сони қалби пар аз яъсу нуқтаҳои умед

به سان قلب پر از یأس و نقطه‌های امید

Хуши онкии даври ҷавонӣ ман шавад таҷдид

خوش آنکه دور جوانی من شود تجدید

зи сӣ ақаби бунаами по ба соли бистумин

ز سی عقب بنهم پا به سال بیستمین

Даруни бешаи сиёҳу сипеди дашту дмн

درون بیشه سیاه و سپید دشت و دمن

Тамоми хиттаи таҷрӣши сояу равшан

تمام خطهٔ تجریش سایه و روشن

зи сояи равшан умрам расед хотири ман

ز سایه روشن عمرم رسید خاطر من

Гузаштаҳои сипеду сияҳи зи сӯзу мҳн

گذشته‌های سپید و سیه ز سوز و مِحَن

Ки рӯзгори гуҳии талх буду гуҳи ширин

که روزگار گهی تلخ بود و گه شیرین

Ба абри пора чу маи нур хеш ифшоанд

به ابر پاره چو مه نور خویش افشاند

Ба сони пунбаи оташ гирифта ме монад

به سان پنبهٔ آتش گرفته می‌ماند

з ман мапурс ки Кебекам хурӯс ме хонд

ز من مپرس که کبکم خروس می‌خواند

Чу ман зи ҳасани табиат ки қадар ме донад

چو من ز حُسن طبیعت که قدر می‌داند

Магари касон чу ман мӯшикофу нозуки байн

مگر کسانِ چو من موشکاف و نازک‌بین

Ҳубоби сабз чаҳ рангаст шаби зи нури чароғ ?

حباب سبز چه رنگ است شب ز نور چراغ؟

Намӯдааст ҳамон ранги моҳи манзари боғ

نموده است همان رنگ ماه منظر باغ

Нишони орзӯии хеш , ин дили пари доғ

نشان آرزوی خویش، این دل پر داغ

зи лобаи лои дарахтон , ҳаме гирифт суроғ

ز لابه‌لای درختان، همی گرفت سراغ

Куҷост онкӣ бияёд маро диҳад таскин

کجاست آنکه بیاید مرا دهد تسکین

Чу зини саёҳати ман як ду соъатӣ бигузашт

چو زین سیاحت من یک دو ساعتی بگذشت

зи даври духтари деҳқонае ҳувайдои гашт

ز دور دختر دهقانه‌ای هویدا گشت

Қадам ба ноз ( бкоФўрўш ) замин май ҳашт

قدم به ناز (بکافوروش) زمین می‌هشت

Нзркнони ҳамаи сӯ , бимнок бар дару дашт

نظرکنان همه سو، بیمناک بر در و دشت

Чу фикр аз ҳамаи манӯни мардумони заннин

چو فکر از همه مظنون مردمان ظنین

Таниши наҳуфта ба чодрнмози обии гаван

تنش نهفته به چادرنماز آبی‌گون

Буруни фитода аз он парда , чеҳраи гулгун

برون فتاده از آن پرده، چهرهٔ گلگون

Дар он қиёфаи гуҳии шодмону гуҳи маҳзун

در آن قیافه گهی شادمان و گه محزون

Ба сад далел ба осори ошиқии машҳун

به صد دلیل به آثار عاشقی مشحون

зи сӯзи ишқи нишонҳо дар он лаби намакин

ز سوز عشق نشان‌ها در آن لب نمکین

Ба расми пӯшиши дӯшизагони шимуроне

به رسم پوشش دوشیزگان شمرانی

зи ҳайси ҷома на шаҳрии бад ва на деҳқонӣ

ز حیث جامه نه شهری بد و نه دهقانی

Бар ӯ тамоми мазоёии ҳасани арзонӣ

بر او تمام مزایای حُسن ارزانی

Шабиҳтар ба фириштааст то ба инсонӣ

شبیه‌تر به فرشته است تا به انسانی

Мрддм ки башар буд ё ки ҳўролъин

مُرَدَّدَم که بشر بود یا که حورالعین

Чу рӯй сабзаи лаб ҷӯ нишаст оҳиста

چو روی سبزه لب جو نشست آهسته

Бад ӯ чу шохи гулӣ рӯй сабзаҳо руста

بد او چو شاخ گلی روی سبزه‌ها رسته

Шуд он фиришта дар он сабзаи зори гулдаста

شد آن فرشته در آن سبزه‌زار گلدسته

Гул ар чаҳ буд , шуд аз сабза низ орстаҳ

گل ار چه بود، شد از سبزه نیز آرسته

Ҳам ӯ зи сабза ва ҳам сабза ёфт зу тазъин

هم او ز سبزه و هم سبزه یافت زو تزئین

Фиканда зулфи зи ду сӯй бар ҷабини сифед

فکنده زلف ز دو سوی بر جبین سفید

Тлолўӣӣ ба изораши зи моҳтоби падед

تلالوئی به عذارش ز ماهتاب پدید

Ба сони оинае дар муқобили хуршед

به سان آینه‌ای در مقابل خورشید

На ҳеҷ узви мар ӯ рости дархури танқид

نه هیچ عضو مر او راست درخور تنقید

Ки ҳаст дархури тамҷиду қобили таҳсин

که هست درخور تمجید و قابل تحسین

На ҳеҷ васфи мар ӯро на дархури таҳсин

نه هیچ وصف مر او را نه درخور تحسین

Нигоҳи мардумаки дидааш сӯй болост

نگاه مردمک دیده‌اش سوی بالاست

Аён аз ин ҳаракат , гӯи тавваҷуҳаш ба худост

عیان از این حرکت، گو توجهش به خداست

Ва ё дар ин ҳаракати чизе аз худо май хост

و یا در این حرکت چیزی از خدا می‌خواست

Гуҳӣ назар кунад аз зери чашм бар чапу рост

گهی نظر کند از زیر چشم بر چپ و راست

Чунонкӣ дар асари интизор , мунтазирин

چنانکه در اثر انتظار، منتظرین

Сиёҳӣ эй ба ҳамин дами зи даври пайдо буд

سیاهی‌ای به همین دم ز دور پیدا بود

Расед пеш , ҷавонии баланди боло буд

رسید پیش، جوانی بلند بالا بود

зи обу ранг , ҳаме бад набӯд зебо буд

ز آب و رنگ، همی بد نبود زیبا بود

зи ҳайси ҷомаи ҳам , аз мардумони ҳоло буд

ز حیث جامه هم، از مردمان حالا بود

Кулоҳи содау шалвору жакату путин

کلاه ساده و شلوار و ژاکت و پوتین

( ҷавон : ) саломи Марями мҳпораҳ ( Марям ) : кист эй вое !

(جوان:) سلام مریم مهپاره (مریم): کیست ای وایی!

( ҷавон ) : манам натарс азиз , аз чаҳ вақти ӣнҷое ?

(جوان): منم نترس عزیز، از چه وقت اینجایی؟

( Марям ) туе азизи дилам , ба чаҳ дайр май ое

(مریم) تویی عزیز دلم، به چه دیر می‌آیی

Сипас дар он шаби ма , он шаби тамошое !

سپس در آن شب مه، آن شب تماشایی!

Шуд он ҷавон бар он моҳпораҳи ҷойгузин

شد آن جوان بر آن ماهپاره جایگزین

Дигар бақияи аҳволи пурсӣу одоб

دگر بقیهٔ احوال‌پرسی و آداب

Ба мочу бӯса ба ҷо омад , андари он маҳтоб

به ماچ و بوسه به جا آمد، اندر آن مهتاب

Хуши онкӣ бар рухи ёраш назар кунад шодоб

خوش آنکه بر رخ یارش نظر کند شاداب

Лабаш наҷунбад ва қалбаш кунад : суолу ҷавоб

لبش نجنبد و قلبش کند: سئوال و جواب

( ишқӣ ) барои ман ба худо , борҳо шудаст чунин

(عشقی) برای من به خدا، بارها شدست چنین

Пас аз се чори дақиқа , бабради дасти он мард

پس از سه چار دقیقه، ببرد دست آن مرد

Ду шишаи сурх , зи ҷайби бағал бурун оварад

دو شیشه سرخ، ز جیب بغل برون آورد

Аз он давоӣ ки , он шаб ба дардашон ме хӯрд

از آن دوای که، آن شب به دردشان می‌خورد

Нахусти ҷом ба он моҳрӯ таъоруф кард

نخست جام به آن ماهرو تعارف کرد

( Марям ) : ҳазор мартаба гуфтам намехӯрам ман азин

(مریم): هزار مرتبه گفتم نمی‌خورم من ازین

( ҷавон ) бихӯр ки нест ба аз ин шароби андари даҳр

(جوان) بخور که نیست به از این شراب اندر دهر

( Марям ) : барои ман ки нахурдам бтар буд аз заҳр :

(مریم): برای من که نخوردم بتر بُوَد از زهر:

Шароб хубаст аммо барои мардуми шаҳр :

شراب خوب است اما برای مردم شهر:

Ки ҳаст хӯрдани нон аз тануру об аз наҳр :

که هست خوردن نان از تنور و آب از نهر:

Нишоту ъушрати мо мардумон кӯҳ нишин

نشاط و عشرت ما مردمان کوه‌نشین

( ҷавон ) велам бикун , кам аз ин ҳарф ҳо бизан , даҳ биё :

(جوان) ولم بکن، کم از این حرف‌ها بزن، ده بیا:

Бихӯр азизи дили ман , ( Марям ) : намехӯрам валлоҳ

بخور عزیز دل من، (مریم): نمی‌خورم والله

( ҷавон ) : бихӯр туро ба худо ( Марям ) : на намехӯрам ба худо

(جوان): بخور ترا به خدا (مریم): نه نمی‌خورم به خدا

( ҷавон ) : бихӯр , бихӯр , даҳ бихӯр ( Марям ) : эй велам бикун оқо

(جوان): بخور، بخور، ده بخور (مریم): ای ولم بکن آقا

Худат бануш азин талхи бодаи нангин

خودت بنوش ازین تلخ بادهٔ ننگین

( ҷавон ) : бихӯр тсдқи бодоми чашм ҳот бихӯр :

(جوان): بخور تَصَدُّقِ بادام چشم‌هات بخور:

Фидои он лаби ширинтар аз набот бихӯр :

فدای آن لبِ شیرین‌تر از نبات بخور:

Турои қисм ба тамом муқаддасот бихӯр :

ترا قسم به تمام مقدسات بخور:

Турои қисм ба худованд коинот бихӯр :

ترا قسم به خداوند کائنات بخور:

( Марям ) : паии шароб , кам исми худои бабр бедайн !

(مریم): پی شراب، کم اسم خدا ببر بی‌دین!

( ҷавон ) : турои қисм ба дили ошиқони афсурда :

(جوان): ترا قسم به دل عاشقان افسرده:

Ба ғунчаҳои саҳари ношукуфтаи пажмурда :

به غنچه‌های سحر ناشکفته پژمرده:

Ба марги ошиқи нокоми навҷавони мурда :

به مرگ عاشق ناکام نوجوان مرده:

Бихӯр , бихӯр , даҳ бихӯр ним ҷуръа , як хӯрда

بخور، بخور، ده بخور نیم جرعه، یک خورده

Чу дид ром нагардад ба ҳарф , моҳи ҷабин

چو دید رام نگردد به حرف، ماه‌جبین

Ҳаме намӯд пар аз май пиёларо ваон пас

همی نمود پر از می پیاله را وان پس

Ҳамеи ниҳод ба лабҳоаш , ӯ ҳаме зад пас

همی نهاد به لب‌هاش، او همی زد پس

( ишқӣ ) дили ман аз ту чаҳ пинҳон , намӯда буд ҳавас

(عشقی) دل من از تو چه پنهان، نموده بود هوس

Ки коши зини ҳамаи исрор , қадари боли магас

که کاش زین همه اصرار، قدر بال مگس

Ба ман шудӣ ки ба зӯдии нмўдмии тамкин

به من شدی که به زودی نمودمی تمکین

Хулоса кард ба исрор , нарми ёрӯ ро

خلاصه کرد به اصرار، نرم یارو را

Ба зӯр рӯй , зи рӯи баради нозанини рӯ ро

به زور روی، ز رو برد نازنین‌رو را

Намӯд бо лаби ваии ошноӣ , дору ро

نمود با لب وی آشنای، دارو را

Хӯронад охири кор , он « намехӯрам гӯ » ро

خوراند آخر کار، آن «نمی‌خورم گو» را

На ду пиёла , на се , на чаҳор , бали чандин

نه دو پیاله، نه سه، نه چهار، بل چندین

Пас аз се чори дақиқа , з рӯй шангулӣ

پس از سه چار دقیقه، ز روی شنگولی

Шурӯ шуд ба суханҳои ишқи маъмӯлӣ

شروع شد به سخن‌های عشق معمولی

« тсдқт биравам ба , чиқадр мақбулӣ :

«تَصَدُّقَت بروم بَه، چقدر مقبولی:

Ту аз тамоми давоҳои ҳасани кбсўлӣ :

تو از تمام دواهای حسن کبسولی:

Қисм ба ишқ , ту ширинтарӣ зи сохорин »

قسم به عشق، تو شیرین‌تری ز ساخارین»

Сухани гуҳии ҳам дар зимни шухӣу ханда

سخن گهی هم در ضمن شوخی و خنده

Бад аз арӯсӣу ақду никоҳи зебанда

بُد از عروسی و عقد و نکاح زیبنده

Шарик бӯдан дар зиндагии оянда

شریک بودن در زندگی آینده

Пас он ҷавони паии тафреҳ , панҷаи афканда

پس آن جوان پی تفریح، پنجه افکنده

Гирифт дар каф , аз он моҳи гесуии парчин

گرفت در کف، از آن ماه گیسوی پرچین

Кашида наъра ки имшаби биҳишт : « дарбанд » аст

کشیده نعره که امشب بهشت : «دربند» است

Расад ба орзӯяш , ҳар ки орзӯманд аст

رسد به آرزویش، هر که آرزومند است

Ду дасти ман ба сари зулфи ёр пайванд аст

دو دست من به سر زلف یار پیوند است

Бирез бода ба ҳалқам ки дасти ман банд аст

بریز باده به حلقم که دست من بند است

Ба ҷои нақл , буна бар лабами лаби шаккарин

به جای نُقل، بنه بر لبم لبِ شکرین

Ба рӯй дашту дмни моҳтоб бо маи ҷуфт

به روی دشت و دمن ماهتاب با مه جفت

« биор бода ки шукри худоӣ бояд гуфт »

«بیار باده که شکر خدای باید گفت»

зи баъди он ки мар , ин нукта чу дарро сифт

ز بعد آن که مر، این نکتهٔ چو دُر را سُفت

зи бас ки , ҷом ба ҳам хӯрд , гӯши ман бшнФт

ز بس که، جام به هم خورد، گوش من بشنفت

Ба номи шукри паёпай , садои ҷейни ҷейни ҷейн

به نام شکر پیاپی، صدای جین جین جین

Аз он ба баъд бидидам ки ҳар ду хобиданд

از آن به بعد بدیدم که هر دو خوابیدند

Худои шукр ки онҳо маро наме диданд

خدای شکر که آن‌ها مرا نمی‌دیدند

Ба ҳам чун шаҳду шукри он ду ёр часбӣданд

به هم چون شهد و شکر آن دو یار چسبیدند

Ба рӯй сабза , басӣ рӯй ҳам бғлтиднд

به روی سبزه، بسی روی هم بغلتیدند

Дигар зиёда бар инро намекунам табйин

دگر زیاده بر این را نمی‌کنم تبیین

Ба рӯй дашту дмни моҳтоби тобида

به روی دشت و دمن ماهتاب تابیده

Ба ҳар куҷонигарӣ нуқраи гирди пошида

به هر کجا نگری نقره گرد پاشیده

Ба рӯй сабзаи чаман , он ду ёри хобида

به روی سبزه چمن، آن دو یار خوابیده

Марои з диданашон , лиззатии сет дар дида

مرا ز دیدنشان، لذتی‌ست در دیده

Чаҳ гӯямат ки табиат чигуна бошад ҳайн ?

چه گویمت که طبیعت چگونه باشد حین؟

Садои қаҳқаҳаи Кебекии з кӯҳсор ояд

صدای قهقهه کبکی ز کوهسار آید

Ғариви рехтани об , аз обшор ояд

غریو ریختن آب، از آبشار آید

зи даври замзамаи сўзнок тор ояд

ز دور زمزمهٔ سوزناکِ تار آید

Дар ин миёнаи садое аз он ду ёр ояд

در این میانه صدایی از آن دو یار آید

зи фарт хӯрдани лабҳои зер бар зерин

ز فرط خوردن لب‌های زیر بر زیرین

Вазони зи ҷониб « тўчол » бодии андаки сард

وزان ز جانب «توچال» بادی اندک سرد

Ки шохаҳои дарахтон аз он ба ҳам ме хӯрд

که شاخه‌های درختان از آن به هم می‌خورد

Ҳамеи гузашт чу аз хобгоҳи он зану мард

همی گذشت چو از خوابگاه آن زن و مرد

Барои шомаҳо , буи ишқ ме оварад

برای شامه‌ها، بوی عشق می‌آورد

Ҳазор бор ба аз буии сунбулу насрин

هزار بار به از بوی سنبل و نسرین

Дар он дақиқа ки онҳо ҷудо шуданд аз ҳам

در آن دقیقه که آن‌ها جدا شدند از هم

Ба узви пардагӣу маҳрамонаи Марям

به عضو پردگی و محرمانهٔ مریم

Фитод дидаи парвину моҳи номаҳрам

فتاد دیدهٔ پروین و ماه نامحرم

Ситораҳо ҳамаи диданди осмонҳо ҳам

ستاره‌ها همه دیدند آسمان‌ها هم

Ки нимӣ аз тани Марями буруни бад аз почин

که نیمی از تن مریم برون بد از پاچین