Чаҳ созам ваа ки он бибоки рӯ аз марду зани пӯшад

چه سازم وه که آن بیباک رو از مرد و زن پوشد

зи чашми бади парешонеи зулфи пари шикани пӯшад

ز چشم بد پریشانی زلف پر شکن پوشد

Гиребон май кушояд то кунад сад рахна дар ҷонам

گریبان می گشاید تا کند صد رخنه در جانم

Бглгшт ӯ қабои нозуктар аз барги самани пӯшад

بگلگشت او قبا نازکتر از برگ سمن پوشد

Ҳамаи Юсуф рухон зоранд баҳри остини бӯсаш

همه یوسف رخان زارند بهر آستین بوسش

Касе зинони қабои дилбарӣ дар анҷумани пӯшад

کسی زینان قبای دلبری در انجمن پوشد

Бсди ранг дигар май сўздми он шакли мастона

بصد رنگ دگر می سوزدم آن شکل مستانه

Гирифтам кокули партобу чоки перҳани пӯшад

گرفتم کاکل پرتاب و چاک پیرهن پوشد

Касе каз дида ӣ равшан ҷудо монад тўондҳм

کسی کز دیده ی روشن جدا ماند تواندهم

Ки сол ва ма биравӣ худ дар байти алҳзни пӯшад

که سال و مه بروی خود در بیت الحزن پوشد

Дилами сад пора майсозӣ ва май дузии гиребонам

دلم صد پاره می سازی و می دوزی گریبانم

Чаҳ раҳмаст ин бирав эй панди гӯи ошиқи кафани пӯшад

چه رحمست این برو ای پند گو عاشق کفن پوشد

Бигӯ ҳоли фиғонӣ эй сабо бигузашт кор аз он

بگو حال فغانی ای صبا بگذشت کار از آن

Ки дарду меҳнати ғурбати зи ёрони ватани пӯшад

که درد و محنت غربت ز یاران وطن پوشد