Збскаҳ доштӣ эй гул ҳамеша хори маро

ز بس که داشتی ای گل همیشه خوار مرا

Намонад пеши касони ҳеҷ эътибори маро

نماند پیش کسان هیچ اعتبار مرا

Басии умеди бадали доштам чу рӯй ту дид

بسی امید بدل داشتم چو روی تو دید

Задаст рафт ва наомад бҳичи кори маро

ز دست رفت و نیامد بهیچ کار مرا

Аҷаб агар нарӯм аз миён ки маҷнӯни дӯш

عجب اگر نروم از میان که مجنون دوش

Бихоб омад ва бигирифт дар канори маро

بخواب آمد و بگرفت در کنار مرا

Ҳануз сўздм аз доғи орзӯии ту дил

هنوز سوزدم از داغ آرزوی تو دل

Гуҳӣ ки лолаи дамад аз сари мазори маро

گهی که لاله دمد از سر مزار مرا

Давои худ зкаҳ ҷӯям ки то ту баргаштӣ

دوای خود ز که جویم که تا تو برگشتی

Шудаст душмани ҷони онкӣ буд ёри маро

شده‌ست دشمن جان آنکه بود یار مرا

На ман зснги ҷафои ту дил шикаста шудам

نه من ز سنگ جفای تو دل‌شکسته شدم

Ки дар фироқ , чунин сохт рӯзгори маро

که در فراق، چنین ساخت روزگار مرا

Бшҳру кӯии фиғонии касами нмибоид

بشهر و کوی فغانی کسم نمی‌باید

Ки нест бе маи худ ҳеҷ ҷои қарори маро

که نیست بی‌مه خود هیچ جا قرار مرا