Соқӣ чаҳ буд бодау зини об чаҳ хезад

ساقی چه بود باده و زین آب چه خیزد

Ман ташна ӣ ишқами з май ноб чаҳ хезад

من تشنه ی عشقم ز می ناب چه خیزد

Гул дида найафурӯзаду маи дили нрбоид

گل دیده نیفروزد و مه دل نرباید

Мақсӯди туе аз гулу маҳтоб чаҳ хезад

مقصود تویی از گل و مهتاب چه خیزد

Ханҷари макаш аз давр ки ман сайди ҳалокам

خنجر مکش از دور که من صید هلاکم

Наздиктар аз ин ғазабу тоб чаҳ хезад

نزدیکتر از این غضب و تاب چه خیزد

Дар ҳам макаши абрӯи зи таманнои дили ман

در هم مکش ابرو ز تمنای دل من

Ҷузи ҳоҷати дарвеши зи миҳроб чаҳ хезад

جز حاجت درویش ز محراب چه خیزد

Чун тир ту хӯрдем чаро теғ кашад ғайр

چون تیر تو خوردیم چرا تیغ کشد غیر

Таслим чу шуд сайди зи қассоб чаҳ хезад

تسلیم چو شد صید ز قصاب چه خیزد

Дар хоб шуд оншўхи бшклӣ ки марои кишт

در خواب شد آنشوخ بشکلی که مرا کشت

То боз чаҳ бинмоеду зини хоб чаҳ хезад

تا باز چه بنماید و زین خواب چه خیزد

Ашк ту наёр гули мақсӯди фиғонӣ

اشک تو نیار گل مقصود فغانی

Пайдост казин қатра ӣ хуноб чаҳ хезад

پیداست کزین قطره ی خوناب چه خیزد