Ҳавои хушбӯии гашту мурғ дар парвоз ме ояд
هوا خوشبوی گشت و مرغ در پرواز میآید
Баҳори рафта аз гулшан ба гулшан бозме ояд
بهار رفته از گلشن به گلشن بازمیآید
Тҳит май расонади булбулонро боди наврӯзӣ
تحیت میرساند بلبلان را باد نوروزی
Ки гули бор дигар дар ҷилваи гоҳ ноз ме ояд
که گل بار دگر در جلوهگاه ناز میآید
Чаҳ боди машк безаст инки буи ҷон диҳад ҳрдм
چه باد مشکبیز است اینکه بوی جان دهد هردم
Магар аз роҳи он тарк шкорондоз ме ояд
مگر از راه آن ترک شکارانداز میآید
Бишорати бод аз он сёдўши Кебеки хиромон ро
بشارت باد از آن صیادوَش کبک خرامان را
Ки боз аз тарафи дашти овози табл боз ме ояд
که باز از طرف دشت آواز طبل باز میآید
Чаҳ созаст инки дигар май навозади мутриби маҷлис
چه سازست اینکه دیگر مینوازد مطرب مجلس
Ки аз рагҳои ҷони ошиқон овоз ме ояд
که از رگهای جان عاشقان آواز میآید
Чамани холии мабодо аз май лаълу насими гул
چمن خالی مبادا از می لعل و نسیم گل
Ки ин обу ҳавои сарви маро дмсоз ме ояд
که این آب و هوا سرو مرا دمساز میآید
Бигардон пардае мутриб ки аз роҳи Ироқи имрӯз
بگردان پردهای مطرب که از راه عراق امروز
Маи авҷи шараф дар гулшан Широз ме ояд
مه اوج شرف در گلشن شیراز میآید
Бидиҳ ҷомӣ ки анҷомаш ба аз оғоз хоҳад шуд
بده جامی که انجامش به از آغاز خواهد شد
Ҳар он кӯ бо сафои ният аз оғоз ме ояд
هر آن کو با صفای نیت از آغاز میآید
Масеҳои ёру Хизраши раҳнамӯн ва ҳам Аннани Юсуф
مسیحا یار و خضرش رهنمون و همعنان یوسف
Фиғонии офтоби ман ба ин эъзоз ме ояд
فغانی آفتاب من به این اعزاز میآید