Гул омад ва бе ёри нишастан ки тавонад
گل آمد و بی یار نشستن که تواند
Бе ёри бглзори нишастан ки тавонад
بی یار بگلزار نشستن که تواند
Икдм ба муроди дили худ паҳлавии ёрӣ
یکدم به مراد دل خود پهلوی یاری
Бе меҳнати ағёри нишастан ки тавонад
بی محنت اغیار نشستن که تواند
Зини шева ӣ мастона ки ҳар лаҳзаи намое
زین شیوه ی مستانه که هر لحظه نمایی
Дар базми ту ҳушёри нишастан ки тавонад
در بزم تو هشیار نشستن که تواند
Ҷузи бахти забунам ки баради дмбдмши хоб
جز بخت زبونم که برد دمبدمش خواب
Бо ман ба шаби тори нишастан ки тавонад
با من به شب تار نشستن که تواند
Ҷое ки фиғонӣ кунад аз дасти ту шеван
جایی که فغانی کند از دست تو شیون
Бедида ӣ хўнбори нишастан ки тавонад
بی دیده ی خونبار نشستن که تواند