Дамӣ ки буии гул аз бод навбаҳор ояд

دمی که بوی گل از باد نوبهار آید

Ба ғунча ӣ дили ман бе ту захм хор ояд

به غنچه ی دل من بی تو زخم خار آید

Баҳор омаду мардум ба айши худ машғӯл

بهار آمد و مردم به عیش خود مشغول

Ду чашми ман нигарон ҳар тараф ки ёр ояд

دو چشم من نگران هر طرف که یار آید

Маро чу нест нишот аз баҳору боғ чаҳ суд

مرا چو نیست نشاط از بهار و باغ چه سود

Ки сабза бар дамад аз хоку гул ба бор ояд

که سبزه بر دمد از خاک و گل به بار آید

Дило ба пои гулу сарви оби дидаи марез

دلا به پای گل و سرو آب دیده مریز

Нигоҳдор ки он сарв глъзор ояд

نگاهدار که آن سرو گلعذار آید

Хуши он сиришки ҷгргўн ки пеши лолаи рухӣ

خوش آن سرشک جگرگون که پیش لاله رخی

зи дил ба дида ва аз дида бар канор ояд

ز دل به دیده و از دیده بر کنار آید

зи боғи васли ҷавонон гулӣ бичин имрӯз

ز باغ وصل جوانان گلی بچین امروز

Ки гул равад зи гулистону хор бор ояд

که گل رود ز گلستان و خار بار آید

Чу дар дилат накунад нола ӣ фиғонии кор

چو در دلت نکند ناله ی فغانی کار

Бгшти гулшани Кувайт дигар чикор ояд

بگشت گلشن کویت دگر چکار آید