Аз тавба ӣ ман дайри Муғони байт ҳузн шуд

از توبه ی من دیر مغان بیت حزن شد

Мастурии ман тавба ӣ сад тавба шикан шуд

مستوری من توبه ی صد توبه شکن شد

Дар дидаи бадали гашти сиёҳии бспидӣ

در دیده بدل گشت سیاهی بسپیدی

Назора ки райҳони терми барг саман шуд

نظاره که ریحان ترم برگ سمن شد

Аз бода ӣ софам накушояд дили равшан

از باده ی صافم نگشاید دل روشن

То шамъи ҷамоли ту чароғи дил ман шуд

تا شمع جمال تو چراغ دل من شد

Бар соғар май шояд агар лаби нрсонм

بر ساغر می شاید اگر لب نرسانم

Чун хотами лаъли ту марои меҳр даҳан шуд

چون خاتم لعل تو مرا مهر دهن شد

Дидам бадали ҷоми ҷами ойӣна ӣ ҳасанат

دیدم بدل جام جم آیینه ی حسنت

Корами зи ма рӯй ту бар ваҷҳ ҳасан шуд

کارم ز مه روی تو بر وجه حسن شد

Он ишқу ҷавонӣ ки дарин воқеа боист

آن عشق و جوانی که درین واقعه بایست

Афсӯс ки дар бихрдии дардӣ ?дан шуд

افسوس که در بیخردی دردی دن شد

Ин дил ки суфоли сияҳи майкадаҳо буд

این دل که سفال سیه میکده ها بود

Аз файзи назари миҷмараи мшг хутан шуд

از فیض نظر مجمره مشگ ختن شد

Даии масти ту он пунба ки аз гӯш бурун кард

دی مست تو آن پنبه که از گوش برون کرد

Аз баҳри гулӯ бастанаши имрӯз расан шуд

از بهر گلو بستنش امروز رسن شد

Дӯки фалаки пери басои ришта ӣ борӣк

دوک فلک پیر بسا رشته ی باریک

Каз баҳри радои рашт вале тор кафан шуд

کز بهر ردا رشت ولی تار کفن شد

Пори он шаҷари ҳасани ниҳоли гули нав буд

پار آن شجر حسن نهال گل نو بود

Имсол чаҳ шамшоди қаду сим бадан шуд

امسال چه شمشاد قد و سیم بدن شد

Баси равғани дили марҳами кофури ҷигари сохт

بس روغن دل مرهم کافور جگر ساخت

Маъшӯқ ки ширини сухану писта даҳан шуд

معشوق که شیرین سخن و پسته دهن شد

Ҳошо ки беонаш арақи талхи гудозад

حاشا که بیانش عرق تلخ گدازد

Онро ки лаби лаъли пар аз дар сухан шуд

آن را که لب لعل پر از در سخن شد

Умрӣ ки чу айёми баҳорони гузарон буд

عمری که چو ایام بهاران گذران بود

Афсӯс ки аз бихрдии дард бадан шуд

افسوس که از بیخردی درد بدن شد

Қатъи назар аз соғар мекард фиғонӣ

قطع نظر از ساغر می کرد فغانی

Бгзошт дар майкадау мурғ чаман шуд

بگذاشت در میکده و مرغ چمن شد