Соқии биё ки рӯзи брФтн шитоб кард

ساقی بیا که روز برفتن شتاب کرد

Май даҳ ки иди пои тараб дар рикоб кард

می ده که عید پای طرب در رکاب کرد

Онкас ки завқ бода бирав талх ме намӯд

آنکس که ذوق باده برو تلخ می نمود

Бгзошти ҷоми шарбату майл шароб кард

بگذاشت جام شربت و میل شراب کرد

Он нозанин ки даста ӣ гул дошт пеши рӯ

آن نازنین که دسته ی گل داشت پیش رو

Аз чашми хўнФшони муҳибон ҳиҷоб кард

از چشم خونفشان محبان حجاب کرد

Аз офати харобии сайли фанои гузашт

از آفت خرابی سیل فنا گذشت

Дарёи дилӣ ки хонаи тиҳӣ чун ҳубоб кард

دریا دلی که خانه تهی چون حباب کرد

Рангии зи биўФоиии айём гул намӯд

رنگی ز بیوفایی ایام گل نمود

Боди хазон ки хона ӣ булбул хароб кард

باد خزان که خانه ی بلبل خراب کرد

Умрии рақиб дар талаби васл ӯ давид

عمری رقیب در طلب وصل او دوید

Онаш нашуд масир ва моро азоб кард

آنش نشد مسیر و ما را عذاب کرد

Аз оҳи гарми хеши фиғонии тамоми сӯхт

از آه گرم خویش فغانی تمام سوخت

Андам ки ёди суҳбати он офтоб кард

آندم که یاد صحبت آن آفتاب کرد