Хуршеди ман имрӯз ба шакли дгарии боз

خورشید من امروز به شکل دگری باز

Май хӯрдаи ниҳони гарми зи мо май гузарии боз

می خورده نهان گرم ز ما می‌گذری باز

Афрӯхтаи рухсор ва ҷабин карда ърқнок

افروخته رخسار و جبین کرده عرقناک

Аз ҳоли дили ташнаи лабон бе хабарии боз

از حال دل تشنه‌لبان بی‌خبری باز

Донам чаҳ нзрҳост дар он дам ки ба шухӣ

دانم چه نظرهاست در آن دم که به شوخی

Пинҳони з барам май рӯй ва майнигарӣ боз

پنهان ز برم می‌روی و می‌نگری باز

эй дили зи ҷунуни худии овораи зи базмаш

ای دل ز جنون خودی آواره ز بزمش

Бефоида май сӯз ки беруни дарии боз

بی‌فایده می‌سوز که بیرون دری باز

Шояд ки зи бӯяши дами дигар ба худ оем

شاید که ز بویش دم دیگر به خود آیم

эй ғайри зи болини ман ин гул набарӣ боз

ای غیر ز بالین من این گل نبری باز

Имрӯз ба мо чашм тараҳҳум нагушӯдӣ

امروز به ما چشم ترحم نگشودی

Чунаст ба ушшоқи надории назарии боз

چون است به عشاق نداری نظری باز

Дар хӯни манӣ гарми зи изҳори вафояш

در خون منی گرم ز اظهار وفایش

Бе худ суханӣ гуфтаам эй дидатарӣ боз

بی‌خود سخنی گفته‌ام ای دیده تری باز

Баси шефта май бинмти имрӯзи фиғонӣ

بس شیفته می‌بینمت امروز فغانی

Донам ки зи бедод ки хунини ҷгарии боз

دانم که ز بیداد که خونین‌جگری باز