Натавонам ки байнам аз давраш
نتوانم که بینم از دورش
Оҳ аз шарми чашми махмураш
آه از شرم چشم مخمورش
Нест дар шаҳри кас ки ошиқ нест
نیست در شهر کس که عاشق نیست
Чаҳ балои гашти ҳасани машҳураш
چه بلا گشت حسن مشهورش
Ин чароғ аз кадом анҷуманаст
این چراغ از کدام انجمنست
Ки ҷаҳонӣ бсухт аз нураш
که جهانی بسوخت از نورش
Рафт он моҳи ним масти бурун
رفت آن ماه نیم مست برون
Чаҳ шабӣ рӯз кард махмураш
چه شبی روز کرد مخمورش
Чаҳ буд ҳолати назари бозӣ
چه بود حالت نظر بازی
Ки чунин оФтисти манзураш
که چنین آفتیست منظورش
Чехияанд атри перҳан , ошиқ
چکند عطر پیرهن، عاشق
Фикр кун заъфарону кофураш
فکر کن زعفران و کافورش
Чаҳ диласт ин дили фиғонии вой
چه دلست این دل فغانی وای
Ки на пайдост мотаму сураш
که نه پیداست ماتم و سورش