Рӯз наврӯзасту дили дард ту дорад сӯзи ҳам

روز نوروزست و دل درد تو دارد سوز هم

Ваа ки май сӯзами бадараду доғати ин наврӯзи ҳам

وه که می سوزم بدرد و داغت این نوروز هم

Бихўдм дар нолау зорӣ , на шаб донам на рӯз

بیخودم در ناله و زاری، نه شب دانم نه روز

Зор май нолами шаб аз дарди ҷудои рӯзи ҳам

زار می نالم شب از درد جدایی روز هم

Боз чун хонам дили худро ки ин мурғи асир

باز چون خوانم دل خود را که این مرغ اسیر

Ром шуд дар ҳалқа ӣ он зулф ва даст омӯз ҳам

رام شد در حلقه ی آن زلف و دست آموز هم

Мондаам зон ғамзау мижгони бхоку хӯни мудом

مانده ام زان غمزه و مژگان بخاک و خون مدام

Хӯрдаи теғи ҷони шикофу новаки длдўзи ҳам

خورده تیغ جان شکاف و ناوک دلدوز هم

Монда будам дар ҷудоӣ , гар намешуд Хизри роҳ

مانده بودم در جدایی، گر نمی شد خضر راه

Он лаби ҷонбхшу рухсори ҷаҳони афрӯзи ҳам

آن لب جانبخش و رخسار جهان افروز هم

Давр аз он маи рӯзам аз шаб , шаби зи рӯзами тира тар

دور از آن مه روزم از شب، شب ز روزم تیره تر

Бахти рӯз афзӯн надорам толеъи фирӯзи ҳам

بخت روز افزون ندارم طالع فیروز هم

Дарду доғ ошиқӣ кардӣ фиғонии ихтиёр

درد و داغ عاشقی کردی فغانی اختیار

Зор май мейр аз ҷафои гули рухон май сӯзи ҳам

زار می‌میر از جفای گل‌رخان می‌سوز هم