Дило то кӣ ҳавои гашти боғ ва мешавад мо ро

دلا تا کی هوای گشت باغ و می شود ما را

Каманди зулфи соқии доми раҳ то кӣ шавад мо ро

کمند زلف ساقی دام ره تا کی شود ما را

На чандон роҳ дил зад ҷилва ӣ соқии симини тан

نه چندان راه دل زد جلوه ی ساقی سیمین تن

Ки майли қавли сӯфӣу самоъ не шавад мо ро

که میل قول صوفی و سماع نی شود ما را

Муаззин хонду ошиқи зи тақсири амали сӯзад

مؤذن خواند و عاشق ز تقصیر عمل سوزد

Ваболи умр то кӣ наъра ӣ ёҳӣ шавад мо ро

وبال عمر تا کی نعره ی یاحی شود ما را

Лабати фоли Муродии баҳри мо ҳаргиз нахоҳад зад

لبت فال مرادی بهر ما هرگز نخواهد زد

Тамоми умр агар дар саҳару афсун тай шавад мо ро

تمام عمر اگر در سحر و افسون طی شود ما را

Фалак ҳар рӯз бар мо айб дигар мекунад зоҳир

فلک هر روز بر ما عیب دیگر می کند ظاهر

Биё то зери пои ин нақши ботил пай шавад мо ро

بیا تا زیر پا این نقش باطل پی شود ما را

зи гулшан май рисӣ май хӯрдае гул гар дурӯғаст ин

ز گلشن می رسی می خورده ای گل گر دروغست این

Ғанӣами он ранги олу ориз пурхуй шавад мо ро

غنیم آن رنگ آل و عارض پرخوی شود ما را

Фиғонии ишқ чун оташ ба мағз устихонам зад

فغانی عشق چون آتش به مغز استخوانم زد

Чаҳ таскини дил аз боғу баҳор ва мешавад мо ро

چه تسکین دل از باغ و بهار و می شود ما را